ISRO की बड़ी कामयाबी, रिसोर्ससैट-2ए को सफलतापूर्वक किया गया लांच

श्रहरिकोटा| देश के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह रिसोर्ससैट-2 ए के साथ ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) बुधवार सुबह सफलतापूर्वक लांच हो गया| 44.4 मीटर लंबा और 321 टन वजनी पीएसएलवी-एक्सएल रॉकेट सुबह 10.25 बजे लांच हुआ| यह रॉकेट 1,325 किलोग्राम वजनी भारत के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह रिसोर्ससैट-2ए को अपने साथ ले गया है| यह एक रिमोट सेंसिंग उपग्रह है जिसका उद्देश्य संसाधनों की खोज और निगरानी है| यह इससे पहले वर्ष 2003 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-1 तथा वर्ष 2011 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-2 के अगले क्रम का उपग्रह है|




रिसोर्ससैट के 3 पेलोड हैं| इनमें दो लीनियर इमेजिनिंग सेल्फ स्कैनर कैमरा हैं| एक कैमरा उच्च रिजॉलूशन वाला है जो दृश्य तथा निकट अवरक्त क्षेत्र स्पेक्ट्रम में तस्वीरें लेने के काम आएगा जबकि दूसरा कैमरा मध्यम रिजॉलूशन वाला है और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड बैंड में तस्वीरें लेगा| तीसरा पेलोड एडवांस वाइड फिल्ड सेंसर कैमरा है जो दूश्य एवं निकट अवरक्त क्षेत्र में तीर बैंडों में और शॉर्टवेव इंफ्रारेड में एक बैंड में काम करेगा|

Isro Successfully Places Remote Sensing Satellite Resourcesat 2a :

इसमें दो रिकॉर्डर हैं जिनकी क्षमता दो-दो सौ गीगाबाइट डाटा स्टोर करने की है| इस उपग्रह की पूर्वानुमानित आयु 5 साल है| यह पीएसएलवी की 38वीं उड़ान होगी| इस मिशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के साथ ही पीएसएलवी से इस छोड़े गए उपग्रहों की संख्या बढ़कर 122 हो जाएगी| वर्ष 1999 से अब तक यह 79 विदेशी तथा 42 स्वदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है|



श्रहरिकोटा| देश के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह रिसोर्ससैट-2 ए के साथ ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) बुधवार सुबह सफलतापूर्वक लांच हो गया| 44.4 मीटर लंबा और 321 टन वजनी पीएसएलवी-एक्सएल रॉकेट सुबह 10.25 बजे लांच हुआ| यह रॉकेट 1,325 किलोग्राम वजनी भारत के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह रिसोर्ससैट-2ए को अपने साथ ले गया है| यह एक रिमोट सेंसिंग उपग्रह है जिसका उद्देश्य संसाधनों की खोज और निगरानी है| यह इससे पहले वर्ष 2003 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-1 तथा वर्ष 2011 में छोड़े गए रिसोर्स सैट-2 के अगले क्रम का उपग्रह है| रिसोर्ससैट के 3 पेलोड हैं| इनमें दो लीनियर इमेजिनिंग सेल्फ स्कैनर कैमरा हैं| एक कैमरा उच्च रिजॉलूशन वाला है जो दृश्य तथा निकट अवरक्त क्षेत्र स्पेक्ट्रम में तस्वीरें लेने के काम आएगा जबकि दूसरा कैमरा मध्यम रिजॉलूशन वाला है और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड बैंड में तस्वीरें लेगा| तीसरा पेलोड एडवांस वाइड फिल्ड सेंसर कैमरा है जो दूश्य एवं निकट अवरक्त क्षेत्र में तीर बैंडों में और शॉर्टवेव इंफ्रारेड में एक बैंड में काम करेगा|इसमें दो रिकॉर्डर हैं जिनकी क्षमता दो-दो सौ गीगाबाइट डाटा स्टोर करने की है| इस उपग्रह की पूर्वानुमानित आयु 5 साल है| यह पीएसएलवी की 38वीं उड़ान होगी| इस मिशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के साथ ही पीएसएलवी से इस छोड़े गए उपग्रहों की संख्या बढ़कर 122 हो जाएगी| वर्ष 1999 से अब तक यह 79 विदेशी तथा 42 स्वदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है|