नोटबंदी के बाद ITR में फेरबदल करने वाले 30,000 लोगों पर इनकम टैक्स की पैनी नजर

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It Department Probing 30000 Cases Where Itrs Were Revised After Demonetisation

नई दिल्ली: आयकर विभाग कथित टैक्स चोरी के उन 30,000 से अधिक मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें करदाताओं द्वारा नोटबंदी के बाद रिटर्न (आईटीआर) में संशोधन किया गया. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्र ने सोमवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि पिछले साल 8 नवंबर के बाद दाखिल आईटीआर की जांच उनके पूर्व टैक्स इतिहास की तुलना करते हुए की गई, तो ये मामले सामने आए.

उन्होंने कहा, ‘हम इन मामलों में कार्रवाई कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि ऑपरेशन क्लीन मनी के पहले चरण के बाद यह पाया गया कि कुछ करदाताओं ने अपने सभी बैंक खातों की जानकारी टैक्स अधिकारियों को नहीं दी. विभाग उन लोगों से संपर्क कर रहा है, जिनके बैंक खातों में नोटबंदी के बाद संदिग्ध जमाएं की गईं.

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश में आयकर दाताओं की संख्या बढ़कर पिछले वित्त वर्ष के आखिर तक 6.26 करोड़ हो गई जो पहले लगभग चार करोड़ थी. उन्होंने इसे संख्या में बड़ा उछाल करार दिया.

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम उच्चतम को बताया था कि आयकर विभाग ने पिछले तीन वर्ष में सघन खोज, जब्ती और छापे में करीब 71,941 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया.

नई दिल्ली: आयकर विभाग कथित टैक्स चोरी के उन 30,000 से अधिक मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें करदाताओं द्वारा नोटबंदी के बाद रिटर्न (आईटीआर) में संशोधन किया गया. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्र ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि पिछले साल 8 नवंबर के बाद दाखिल आईटीआर की जांच उनके पूर्व टैक्स इतिहास की तुलना करते हुए की गई, तो ये…