ये है पीएम नरेन्द्र मोदी की सौभाग्यशाली कुर्सी और तारीख

कानपुर । हम कितनी भी तकनीकि तरक्की कर जाएं, इंडिया भले ही डिजिटल होता जा रहा हो लेकिन राजनीति और राजनेता कुंडली, ग्रह दशा, जगह और तारीखों जैसे न जाने कितने गणितों का विशेष ध्यान रखते हैं। ऐसा ही कुछ कानपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली को लेकर देखने को मिल रहा है। यह रैली 18 दिसंबर को होना तय थी। अब खबर आ रही है कि इस रैली को 19 दिसंबर को रखा गया है। जिसके पीछे की वजह सौभाग्यशाली तारीख का गणित बताया जा रहा है। इस रैली में तारीख के साथ—साथ एक बात खास ये भी होगी कि पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए वही सौभाग्यशाली कुर्सी मंच पर रखी जाएगी, जिस पर वह बतौर पीएम प्रत्याशी कानपुर की रैली के दौरान मंच पर बैठे थे।




बताया जा रहा है कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने कानपुर में विजय शंखनाद रैली आयोजित की थी जिसकी तारीख 19 अक्टूबर 2013 थी और रैली को संबोधित किया था प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी ने। 2017 में होने जा रहे यूपी के विधानसभा चुनावों को देखते हुये कानपुर में 18 तारीख को बीजेपी ने रैली का कार्यक्रम रखा था, जिसकी तारीख बदलकर 19 दिसंबर कर दी गई है। बीजेपी के स्थानीय नेताओं को उम्मीद है कि 19 तारीख कानपुर में बीजेपी के लिए सौभाग्य का प्रतीक है जिसका का असर लोकसभा चुनावों की तरह ही 2017 के विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिलेगा।




तारीख के अलावा पीएम मोदी की 19 दिसंबर की रैली में वही सौभाग्यशाली कुर्सी उनको बैठने के लिए दी जाएगी जिस पर वह पीएम बनने से पहले कानपुर में हुई रैली के मंच पर बैठे थे। कानपुर बीजेपी के कार्यालय में रखी उस विशेष कुर्सी की सफाई शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि कानपुर में रैली के दौरान इसी कुर्सी पर बैठकर पीएम बीजेपी कार्यकर्ताओं से एक—एक कर मुलाकात करेंगे।




कानपुर बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी कहते हैं कि जिस कुर्सी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठे थे, उसे पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग रख दिया था। फिर जैसे ही केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो भाजपाई कुर्सी को सौभाग्यशाली मानने लगे। नवीन मार्केट स्थित पार्टी कार्यालय में शीशे के जार में कुर्सी को सहेजकर रख लिया गया था। अब 19 दिसंबर को प्रधानमंत्री कानपुर में सभा करने आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने वह कुर्सी जार से निकाली और उसकी साफ-सफाई की। प्रधानमंत्री मोदी को इसी कुर्सी पर बिठाया जाएगा। कार्यकर्ताओं को भरोसा है कि भजपा को लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव में भी शानदार जीत हासिल होगी।