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बिजली दरों मे सभी पार्टियों को कमी का एलान करना उनकी मजबूरी : उपभोक्ता परिषद

यूपी में पिछले 10 वर्षो में ग्रामीण घरेलू मीटर्ड की अधिकतम बिजली दरों में 500 प्रतिशत, ग्रामीण अनमीटड घरेलू की अधिकतम बिजली दरों में 300 प्रतिशत,   घरेलू शहरी की अधिकतम दरों मे 84 प्रतिशत, किसान अनमीटर्ड की दरों मे 126 प्रतिशत तक की हुई है । अधिकतम वृद्धि आंकड़े देखकर सरकार भी शाॅक हो जायेगी ।   बिजली दरों मे सभी पार्टियों को कमी का एलान उनकी मजबूरी है ।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। यूपी में पिछले 10 वर्षो में ग्रामीण घरेलू मीटर्ड की अधिकतम बिजली दरों में 500 प्रतिशत, ग्रामीण अनमीटड घरेलू की अधिकतम बिजली दरों में 300 प्रतिशत,   घरेलू शहरी की अधिकतम दरों मे 84 प्रतिशत, किसान अनमीटर्ड की दरों मे 126 प्रतिशत तक की हुई है । अधिकतम वृद्धि आंकड़े देखकर सरकार भी शाॅक हो जायेगी ।   बिजली दरों मे सभी पार्टियों को कमी का एलान करना उनकी मजबूरी है ।

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घरेलू ग्रामीण फिक्स चार्ज मे 500 प्रतिशत घरेलू शहरी फिक्स चार्ज 69 प्रतिशत की हुई है वृद्धि

जब उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव का एलान कभी भी हो सकता ऐसी बीच समाजवादी पार्टी,  आम आदमी पार्टी,  भारतीय जनता पार्टी सभी सस्ती बिजली और फ्री बिजली की घोषणा करने में लगी है । उसी बीच आज उपभोक्ता परिषद् सभी राजनैतिक पार्टियों को बताना चाहता है कि बिजली दरों मे सभी पार्टियों को कमी का एलान उनकी मजबूरी है । वही कल वर्तमान सरकार द्वारा किसानों की बिजली दरों में 50 प्रतिशत की कमी का एलान किया गया है । जो निश्चित ही सराहनीय है, लेकिन अभी आम उपभोक्ताओ को रहत मिलने की दरकार है ।
यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने यूपी में बिजली दर को  लेकर हमेशा सरकारों को यह भ्रम रहता है कि बिजली दरों में यूपी में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं की गयी। आज उपभोक्ता परिषद जो खुलासा करने जा रहा है उससे सभी को पता चल जायेगा पिछले 10 वर्षो में ग्रामीण शहरी घरेलू व किसानों की बिजली दरों में अधिकतम कितना इजाफा किया गया। आज उपभोक्ता परिषद घरेलू बिजली दरों के अधिकतम अन्तिम स्लैब वाली दर का वह विश्लेषण पेश कर रहा है । जो सभी के होश उड़ा देगा। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने पिछले 10 वर्षो में घरेलू ग्रामीण व किसानों की बिजली दरों में अधिकतम वृद्धि के आधार पर सभी राजनैतिक दलों से अपील  वह खुद देखे अब तक बिजली दरों पर क्या किए है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है ।

वर्ष 2012 की लागू दरें                                                   वर्तमान वर्ष 2021 की लागू दरें            10 वर्षो में बृद्धि प्रतिशत
किसान-रुपये 75 प्रति बी0एच0पी0                              170 रुपये प्रति बीएचपी                           126 प्रतिशत
ग्रामीण अनमीटड घरेलू-रुपये 0125प्रति संयोजन           500रुपये  प्रति कि0वा0                    300 प्रतिशत
ग्रामीण मीटर्ड रुपये  1प्रति यूनिट                                     6 प्रति रुपये यूनिट अन्तिम स्लैब             500 प्रतिशत
घरेलू शहरी अधिकतम रुपये 3.80प्रतियूनिट                  7 रुपये यूनिट प्रति अन्तिम स्लैब          84 प्रतिशत
घरेलू शहरी फिक्स चार्ज रुपये 65प्रति किवा फिक्स चार्ज       110रुपये  कि0वा0                         69 प्रतिशत
घरेलू ग्रामीण फिक्स चार्ज रुपये 15प्रति किवा फिक्स चार्ज         90रुपये प्रति कि0वा0                    500 प्रतिशत

इसमे किसानों की दर कल कमी के बाद देखा जाय तो अब जो अधिकतम बढ़ोतरी 126 प्रतिशत दिख रही वह 63 प्रतिशत हो जाएगी । उपभोक्ता परिषद ने घरेलू ग्रामीण व शहरी के सलैब के अन्तिम अधिकतम दर का विश्लेषण किया तो पिछले 10 वर्षो में बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी हुई, जो यह सिद्ध करता है कि बिजली दरों में बढ़ोत्तरी रोककर घटोतरी किया जाना बहुत जरूरी है। चाह कर भी लोग बिजली का उपभोग नहीं कर पायेगें । इसलिये अभी भी समय है उप्र सरकार को इस पूरे मामले पर हस्तक्षेप करते हुये कमी करने की दिशा में निर्णय ले जो जनहित में होगा । अन्यथा की स्थिति में पूरें प्रदेश की जनता में एक गलत संदेश जायेगा।

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