जब इंजीनियर 600 करोड़ का मालिक, तो एमडी UPRNN की हैसियत की भी हो जांच

लखनऊ। यूपी में भ्रष्टाचारियों के दिन कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं। विशेष कर यूपी के भ्रष्ट इंजीनियरों के, हाल ही में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) के दो प्रोजेक्ट मैनजरों के खिलाफ सीबीआई ने कमीशनखोरी के आरोप में आईपीसी की धारा 120 बी के तहत मामला दर्ज किया था। अब इसी निर्माण इकाई की उत्तराखंड यूनिट में महाप्रबंधक के पद पर तैनात शिव आश्रय शर्मा के ठिकानों पर हुई छापेमारी में करीब 600 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ है। जिसके बाद सवाल उठना लगे है कि जिस विभाग में इतने बड़े स्तर पर घूंसखोरी और कमीशनखोरी हो रही हो उसके मुखिया के आंखें और कान बंद कैसे हैं? क्या ऐसा संभव है कि यूपीआरएनएन में कमीशनखोरी कर रहे इंजीनियरों की कमाई के बारे में विभाग के एमडी आरके गोयल को कोई जानकारी नहीं है? या फिर उनका हिस्सा चुपचाप पहुंचा दिया जाता था, इसलिए वह अपने आँख-कान मूंदें हैं। इन तमाम सवालों के जवाब के लिए एमडी साहब की हैसियत की जांच भी होनी चाहिए।




मिली जानकारी के मुताबिक महाप्रबंधक एसए शर्मा 2004 से देहरादून में तैनात हैं। यूपी के आजमगढ़ जिले से आने वाले शर्मा ने बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर ही उत्तराखंड में तैनाती ली थी, जबकि अब वह बतौर महाप्रबंधक इसी यूनिट में काबिज हैं।

सूत्रों की माने तो आयकर की छापेमारी में देहरादून, नैनीताल और विकास नगर समेंत उत्तराखंड के कई शहरों में शर्मा के पास सैकड़ों करोड़ की संपत्ति के दस्तावेजख, करीब आधा दर्जन लग्जरी कारें बरामद हुईं हैं। आयकर विभाग की जांच शाखा की करीब आठ टीमों ने मंगलवार की सुबह एसए शर्मा और उनके करीबी ठेकेदार अमित शर्मा के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी।




मीडिया कंपनी के अंतर्गत चलतीं थीं ठेकेदारी—

आयकर विभाग ने जिन जगहों पर छापेमारी की है उनमें एक दफ्तर शिवा मीडिया प्रोडक्शन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड का बताया जा रहा है। अमित शर्मा नाम का ठेकेदार इस कंपनी का मालिक है और इसी कंपनी के अंडर चार फर्मों के माध्यम से ठेकेदारी करता है। यूपीआरएनएन ने पिछले कुछ वर्षों में उसकी फर्मों को बड़े स्तर पर ठेके दिए हैं। इन तमाम कंपनियों का दफ्तर एक न्यूज चैनल के दफ्तर के साथ ही चल रहा था। फर्मों के दस्तावेजों में भी बड़े स्तर पर लेन—देने सम्बंधी गड़बड़ियां मिलीं हैं।




100 करोड़ से ज्यादा कीमत का फार्महाउस—

यूपीआरएनएन के महाप्रबंधक के जिस फार्महाउस पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है वह बेहद आलीशान और दुनियाभर की सुख सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है। जिसकी कुल कीमत सौ करोड़ के आसपास आंकी जा रही है।

एमडी आरके गोयल पर भी हैं भ्रष्टाचार के आरोप—

सूत्रों की माने तो यूपीआरएनएन के एमडी आरके गोयल ने कुर्सी पर रहते हुए कई हजार करोड़ की हैसियत बनाई है। यूपी की सबसे बड़ी निर्माण एजेन्सी मानी जाने वाले यूपी राजकीय निर्माण निगम में टें​डरिंग को मैनेज करने के लिए बड़े स्तर पर कमीशनबाजी हो रही है। जिसका एक हिस्सा गोयल के हिस्से में भी जाता है। यह निर्माण इकाई यूपी लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आती है जिसकी जिम्मेदारी यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास है।




उम्मीद की जा रही है कि अपने अधिकारक्षेत्र में आने वाले विभाग के अधिकारियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोंपों के देखते हुए केशव प्रसाद मौर्य कुछ कठोर कदम जरूर उठाएंगे।

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