मेरे एनकाउंटर की साजिश थी: तोगड़िया

डॉ. प्रवीण तोगड़िया
मेेरे एनकाउंटर की साजिश थी: तोगड़िया

It Was An Attempt Of My Encounter Says Parvin Togadia

अहमदाबाद। विश्व हिन्दू परिषद् (वीएचपी) के नेता डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार की सुबह अहमदाबाद के चंद्रमणि अस्पताल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर सोमवार को अपनी गुमशुदगी के घटनाक्रम को लेकर जबर्दस्त ​खुलासा किया है। तोगड़िया ने बताया कि किस तरह से सोमवार की सुबह वीएचपी कार्यालय पर पुलिस ने दस्तक दी और किस तरह की आशंकाओं के चलते वह अपने एक सहयोगी के साथ कार्यालय ने बिना किसी तामझाम के निकल गए।

अपनी प्रेस कांफ्रेंस में प्रवीण तोगड़िया ने केन्द्रीय खुफिया एजेंसी पर उंगलियां उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ लंबे समय से साजिश चल रही है। उन्होंने अपना पूरा जीवन हिन्दूओं को मजबूत करने के लिए ​स​मर्पित कर दिया। लेकिन ​पिछले कुछ सालों से वह सियासी साजिश का शिकार हो रहे हैं। जिस वजह से किसी राज्य में 20 साल तो किसी राज्य में 10 साल पुराने मामलों में उनके खिलाफ वारंट जारी हो रहे हैं। वे भी ऐसे मामलों में जिनकी जानकारी उन्हें नहीं है। इन सब वारंटों के जारी होने के पीछे एक सोची समझी रणनीति है जिसके तहत उन्हें एक जेल से दूसरे जेल में बंद रखने की योजना है।

उन्होंने कहा कि सोमवार की सुबह जिस तरह से पुलिस की एक टीम ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी वह साधारण नहीं था, मकरसंक्रांति के चलते वह पूजा कर रहे थे, तभी कार्यालय पर मौजूद एक कार्यकर्ता ने उन्हें बताया कि पुलिस ऐसे आई है जैसे एनकाउंटर करने आए हों। जिसके बाद विचार आया कि संक्रांति के दिन पुलिस का आना संदेस्पद है।

इसके आगे तोगड़िया कहते हैं कि अगर वारंट था तो सूचित किया जाना चाहिए था, गिरफ्तारी के लिए पुलिस को भेजा जाना साजिश का हिस्सा लगा। अगर सूचित किया जाता तो वह राजस्थान में अपने वकीलों से संपर्क करते।

अपनी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान तोगड़िया बिना किसी राजनेता का नाम लिए अपने साथ हो रही कार्रवाई को सियासी साजिश बताते रहे। उन्होंने खुलकर किसी का नाम नहीं लिया और कहा कि जल्द ही वह पूरे साक्ष्यों के साथ इसका खुलासा करेंगे।

इस दौरान तोगड़िया से पत्रकारों ने पूछा कि क्या सोमवार को उनका लापता होने के पीछे की वजह पुलिस का डर था, तो उन्होंने कहा कि वह डरे नहीं थे, लेकिन उन्हेंं डराने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब वह कार्यालय से निकले थे, तो उन्होंने अपनी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को इस बात की जानकारी दी थी।

उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने देशभर के ऐसे 10 हजार डॉक्टरों की टीम बनाई थी, जिन्होंने गरीबों का मुफ्त इलाज करने की बात कही थी। केन्द्रीय आईबी ने उन डॉक्टरों से संपर्क कर उन्हें डराया, जिस वजह से उनकी योजना कामयाब नहीं हो सकी। इन सब के पीछे राजनीतिक साजिश है।

अहमदाबाद। विश्व हिन्दू परिषद् (वीएचपी) के नेता डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार की सुबह अहमदाबाद के चंद्रमणि अस्पताल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर सोमवार को अपनी गुमशुदगी के घटनाक्रम को लेकर जबर्दस्त ​खुलासा किया है। तोगड़िया ने बताया कि किस तरह से सोमवार की सुबह वीएचपी कार्यालय पर पुलिस ने दस्तक दी और किस तरह की आशंकाओं के चलते वह अपने एक सहयोगी के साथ कार्यालय ने बिना किसी तामझाम के निकल गए। अपनी प्रेस कांफ्रेंस में प्रवीण तोगड़िया ने…