रेलवे ने हटाई ITI की अनिवार्यता, अब 10वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन

रेलवे ने हटाई ITI की अनिवार्यता, अब 10वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन
रेलवे ने हटाई ITI की अनिवार्यता, अब 10वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन

नई दिल्ली। रेलवे की ग्रुप सी और डी की भर्ती परीक्षा प्रक्रिया के नियमों को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अहम फैसला लिया है। अब से 10 वीं पास छात्र, आईटीआई या नेशनल अप्रेंटिंस सर्टिफिकेट वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। गुरुवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर आईटीआई की अनिवार्यता खत्म करने की जानकारी दी।

Iti Cumpulsion Ends In Railway Recruitment Examination :

श्रेणी-1 के पदों में पोर्टर, गेटमेन, हेल्पर शामिल हैं। हाल में रेलवे ने भर्ती विज्ञापन में श्रेणी-1 के लिए 10वीं और आईटीआई की न्यूनतम योग्यता तय की थी। जिसकी अनिवार्यता अब समाप्त कर दी गयी है। बता दें कि देश में कौशल विकास को देखते हुए ही आईटीआई सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया था, लेकिन रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय किया कि इसे लेकर छात्रों के बीच जानकारी सही तरीके से नहीं पहुंच पाई है और इससे लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। इस वजह से ही छात्रों की मांग को देखते हुए नियमों में बदलाव का फैसला लिया गया है।

बता दें कि रेलवे ने इस परीक्षा को लेकर पिछले 4 दिनों में तीन नियम बदले हैं। 19 फरवरी को उम्रसीमा में 2 साल की छूट, 21 को परीक्षा में शामिल होने पर बढ़ा शुल्क वापसी का ऐलान हुआ था। अब 22 फरवरी को आईटीआई की अनिवार्यता खत्म की गई।

नई दिल्ली। रेलवे की ग्रुप सी और डी की भर्ती परीक्षा प्रक्रिया के नियमों को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अहम फैसला लिया है। अब से 10 वीं पास छात्र, आईटीआई या नेशनल अप्रेंटिंस सर्टिफिकेट वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। गुरुवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर आईटीआई की अनिवार्यता खत्म करने की जानकारी दी।श्रेणी-1 के पदों में पोर्टर, गेटमेन, हेल्पर शामिल हैं। हाल में रेलवे ने भर्ती विज्ञापन में श्रेणी-1 के लिए 10वीं और आईटीआई की न्यूनतम योग्यता तय की थी। जिसकी अनिवार्यता अब समाप्त कर दी गयी है। बता दें कि देश में कौशल विकास को देखते हुए ही आईटीआई सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया था, लेकिन रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय किया कि इसे लेकर छात्रों के बीच जानकारी सही तरीके से नहीं पहुंच पाई है और इससे लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। इस वजह से ही छात्रों की मांग को देखते हुए नियमों में बदलाव का फैसला लिया गया है।बता दें कि रेलवे ने इस परीक्षा को लेकर पिछले 4 दिनों में तीन नियम बदले हैं। 19 फरवरी को उम्रसीमा में 2 साल की छूट, 21 को परीक्षा में शामिल होने पर बढ़ा शुल्क वापसी का ऐलान हुआ था। अब 22 फरवरी को आईटीआई की अनिवार्यता खत्म की गई।