जब पुलिस नहीं सुनती तो विधायक की ड्योढ़ी पहुंचते हैं पीड़ित

Jab Police Nahi Sunti To Vidhayak Ki Dhyodhi Par Pahunchte Hai Pidit

बांदा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के आला अफसरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से आहिस्ता-आहिस्ता अपनी आदत में सुधार कर रहे हैं, परन्तु बांदा जिले की पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला गिरवां थाने के देवरार का सामने आया है, जब यहां की पुलिस नहीं सुनी तो खून से लथपथ पीड़ित पक्ष नरैनी क्षेत्र के विधायक की ड्योढ़ी पहुंच गए।




अलबत्ता विधायक राजकरन कबीर तो अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके प्रतिनिधि एन.के. ब्रम्हचारी से अपनी बीती सुनाते हुए पीड़ित चुन्नू लोधी ने बताया कि ‘29 अप्रैल की दो बजे रात को वह बीमारी के चलते शौंचक्रिया करके अपने दरवाजे पर लेटा हुआ था, उसी गांव का जयप्रकाश उर्फ नन्ना बांड़ी अपने दो अन्य सशस्त्र साथियों के साथ पहुंचा और टोकने पर उसने लाठियों की बौछार कर दी। उसने डायल-100 और थानाध्यक्ष गिरवां को सूचित किया, लेकिन पुलिस ने अब तक प्राथमिकी नहीं दर्ज की और न ही चिकित्सीय परीक्षण कराया है।’




विधायक प्रतिनिधि एन.के. ब्रम्हचारी ने बताया कि ‘थानाध्क्ष गिरवां को अभियोग दर्ज करने की कड़ी हिदायत दी गई है और यदि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो एसपी से बात की जाएगी।’ उधर, थानाध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि ‘मामले के आरोपी जयप्रकाश का शांति भंग के आरोप में उपजिला मजिस्ट्रेट नरैनी के न्यायालय में चालान किया जा चुका है।’ जब घटना की वास्तविक सूचना न दर्ज करने बावत पूछा गया तो उनका कहना था कि ‘हर मामले रिपोर्ट लिखना मुमकिन नहीं है।’

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट

बांदा। उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के आला अफसरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से आहिस्ता-आहिस्ता अपनी आदत में सुधार कर रहे हैं, परन्तु बांदा जिले की पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला गिरवां थाने के देवरार का सामने आया है, जब यहां की पुलिस नहीं सुनी तो खून से लथपथ पीड़ित पक्ष नरैनी क्षेत्र के विधायक की ड्योढ़ी पहुंच गए। अलबत्ता विधायक राजकरन कबीर तो अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके प्रतिनिधि एन.के. ब्रम्हचारी…