अखलाक हत्याकांड के आरोपी रवि की जेल में मौत पर घिरे जेलर बीएस मुकुन्द

लखनऊ। नोएडा के बिसाहड़ा में हुए अखलाक हत्याकांड के आरोप में जेल में बन्द आरोपी रवि की मौत के बाद इलाके में एकबार फिर तनाव फैल गया है। गांव के लोगों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा जेल के जेलर डीएस मुकुन्द की पिटाई से रवि की मौत हुई है। सरकार जब तक बीएस मुकुन्द को निलंबित कर जांच के आदेश नहीं देती तब तक रवि का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।




सूत्रों की माने तो बीएस मुकुन्द का जेल में होने वाली हत्याओं से पुराना नाता रहा है। साल 2011 में लखनऊ जिला जेल में मुकुन्द की तैनाती के समय ही सीएमओ हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए डिप्टी सीएमओ वाईएस सचान की हत्या जेल के भीतर कर दी गई थी। डॉ0 सचान की हत्या से ठीक पहले ही लखनऊ जिला जेल में मुकुन्द को तैनाती मिली थी।

बीएस मुकुन्द के पुराने रिकार्ड और जेल में मृतक रवि के साथ बंद अन्य साथियों के द्वारा बीएस मुकुन्द पर रवि की पिटाई का आरोप लगाए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। बताया जा रहा है कि रवि की मौत षड्यंत्र के तहत जेल के भीतर करवाई गई है।

मीडिया में जेलर बीएस मुकुन्द की कार्यशैली पर आरोप लगाए जाने पर यूपी पुलिस के एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत चौधरी का कहना है मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। रवि की मृत्यु के कारणों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।




यूपी की जेल पुलिस की कार्यशैली को करीब से जानने वालों की माने तो यूपी की जेलों में कैदियों से हर महीने लाखों की अवैध बसूली होती है। जिसका विरोध करने पर जेल पुलिस के अधिकारी कैदियों की पिटाई करते हैं। जिससे भविष्य में कोई और कैदी जेल प्रशासन का विरोध न करे। माना जा रहा है कि रवि भी किसी ऐसी ही घटना का शिकार हुआ है।

आपको बता दें कि अखलाक हत्याकांड में आरोपी बनाए गए रवि को दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डाक्टरों का कहना था कि रवि की मौत के पीछे किडनी का फेल होना है। वहीं परिजनों का कहना है कि रवि की मौत के पीछे जेल प्रशासन और वर्तमान जेलर की भूमिका संदिग्ध है। जेल में बन्द रवि के साथियों से यह जानकारी मिली है कि जेलर बीएस मुकुन्द ने बुरी तरह पीटा था।