निषाद समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

जालौन। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के कार्यकर्ताओं ने आज कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करते हुये प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी कर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका ।

धरना सभा को संबोधित करते हुये तुलाराम निषाद एडवोकेट ने कहा कि 1992 के पहले तक नदी घाट, ताल पर मछुआरा समाज के रोजी रोटी खनन मौरम, बालू, मछली पालन आदि का आय का स्रोत था। उसके बाद जितनी भी पार्टियां प्रदेश में सत्ता में आयी सभी ने मछुवारा समाज की रोजी-रोटी छीनकर अपने समाज को देने का काम किया हे। वर्तमान में भी प्रदेश सरकार के खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के 37 मामलों में हाईकोर्ट ने दोषी माना। उक्त खनन अपराध को छुपाने के लिये बर्खास्तगी की नौटंकी की गयी। विगत कई सप्ताहों से सरकार बनाओ, अधिकार पाओ महारैली का आयोजन 15 सितंबर को लखनऊ के रमाबाई पार्क मैदान में किया गया था।




इस रैली को विफल करने व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के अपराध को छुपाने की मंशा से मुख्यमंत्री द्वारा एक षड़यंत्र के तहत नौटंकी की गयी। हाईकोर्ट द्वारा अपराण सिद्ध खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को बर्खास्त कर जेल में भेजा जाये तथा भ्रष्ट मुख्यमंत्री को भी बर्खास्त कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाये। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो निषाद पार्टी जन आंदोलन करने को बाध्य होगा। निर्वल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी के जनाधार को देखकर सभी राजनैतिक दलों में हड़कंप मच गया है।

जिलाध्यक्ष मनोज कुमार निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी, पीस पार्टी व महान दल के तिकड़ी महागठबंधन से सभी पार्टियां पगला गयी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में निषाद समाज का 24.75 प्रतिशत, मुसलमानों का 15 प्रतिशत व मौर्या समाज का लगभग 8 प्रतिशत मतदाता एक मंच पर आ गया है। जो प्रदेश के सभी राजनैतिक दलों का सूपड़ा साफ करने का संकेत दे चुका है।

उन्होंने समाज के लोगों को सावधान किया कि वह विधानसभा चुनाव में किसी के बहकावे में न आये और तिकड़ी महागठबंधन के प्रत्याशियों को वोट देकर विजयी बनायें ताकि विधानसभा चुनाव के बाद बगैर महागठबंधन के सहयोग से किसी भी राजनैतिक दल की सरकार न बन सके। धरना सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के विरोध में मुर्दाबाद के नारे लगाते हुये पुतला दहन किया।

जालौन से सौरभ पाण्डेय की रिपोर्ट