स्वास्थ्य विभाग की मीटिंग में डीएम ने दिखाये तेवर

जालौन। किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवायें न लिखी जाये और अस्पताल में ही बताओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उक्त बात जिलाधिकारी श्रीमती संदीप कौर ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति एवं रोगी कल्याण समिति की बैठक में कही।

उन्होंने कहा कि जेएसवाई के भुगतान की प्रगति ठीक नहीं है इसे ठीक कराये हेतु कारगर कदम उठाये। एएनएम के स्थानों में परिवर्तन करें जिससे कार्योें में सुधार हो सके एक ही स्थान पर कार्यरत रहने के कारण एएनएम कार्य ठीक तरह से नहीं कर रही है। स्टाफ नर्स भी ठीक तरह से कार्य नहीं कर रही है लालच में वह आशाओं द्वारा अस्पताल में प्रसव हेतु लाई गई गर्भवती महिलाओं को घरेलू प्रसव दिखा देती है। जिससे जननी सुरक्षा योजना की धनराशि के आशा एवं प्रसव वाली महिला भी बंचित रह जाती है। इस पर अंकुश लगाया जाये। रोगी कल्याण बजट से संसाधन क्रय किया जाये और सभी अस्पतालों में उपकरण उपलब्ध रहे दवाओं की आपूर्ति की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्साधिकारी की है किसी भी अस्पताल मे दवाओं की कमी न रहे।




मौसमी बीमारियों की दवाओं की कमी किसी भी दशामें न रहे। कम्प्यूटर आपरेटरों को तैनाती स्थल पर रहने के सख्त निर्देश दिये जाये जिससे फीडिंग का कार्य शीघ्रता से पूर्ण कराया जा सके। जो कम्प्यूटर आपरेटर निर्मित स्थल पर न निवास करें उसके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाये प्रसव संबंधी भुगतान समय से सुनिश्चित किये जाये। वित्तीय वर्ष 2016-17 में आवंटित धनराशि के तहत कितना व्यय हुआ है तथा पिछले वर्ष का व्यय तथा शेष का विवरण भी प्रस्तुत किया जाये। आवंटित धनराशि को समय से व्यय करते रहे। आगामी मार्च में इकट्ठे व्यय पर रोक लगा दी जायेगी। परिवार कल्याण का जमा के नसबंदी ऑपरेशन में भी प्रगति लाई जाये।

अन्यथा विवरण के अन्तर्गत मोतियाबिंद के ऑपरेशन किये जा रहे अस्पतालांे में मरीजांे की सुख सुविधाओं हेतु सफाई/विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। बैठक मंे मुख्य चिकित्साधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों सहित अन्य समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।

जालौन से सौरभ पाण्डेय की रिपोर्ट