अल्पसंख्यकों का कांग्रेस के प्रति बढ़ा मोह, सपा-बसपा को सत्ता से दूर कर सकता

जालौन। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष 46 वर्षीय युवराज राहुल गांधी का कालपी क्षेत्र सहित पूरे जनपद जालौन में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा राहुल गांधी का लोगो ने हजारों की संख्या में उपस्थित होकर जोरदार दिल से स्वागत करने के कारण जंहा एक ओर कांग्रेस खेमें में अपार उत्साह झलक रहा है। वही दूसरी ओर सपा-बसपा खेमें में उथल-पुथल मच गयी है।




20 सितम्बर को राहुल गांधी जैसे ही हमीरपुर सीमा छोड़कर जालौन सीमा में प्रवेश किया वैसे ही सबसे पहले अल्पसंख्यकों ने कड़कड़ाती धूप में घण्टों इंतजार करके राहुल गांधी का फूलमालायें पहिनाकर जमकर स्वागत ही नही किया बल्कि राहुल को पूरा आर्शीवाद देते हुये कहा कि हम लोग आपके साथ है आप संघर्ष करो। कदौरा के बाद जैसे ही कालपी में राहुल गांधी आये वैसे ही हिन्दू भाईयों के अलावा भारी तादात में मुस्लिम वर्ग के लोगों ने राहुल गांधी का इस्तकबाल करते हुये कहा कि अभी तक हमें ठगा गया अब हम आपके साथ है इतना ही नही कालपी का अल्पसंख्यक इलाका जुलैहटी में महिलाओं एंव पुरुषों ने फूलों की वर्षा करके ऐतिहासिक अविस्मरणीय स्वागत किया। वंहां के मुस्लिम नेताओं ने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि सपा-बसपा ने हमें खूब ठगा अब हम लोग परेशान है हमारी कोई रक्षा करने वाला नही है।

हमें अब केवल और केवल आप पर भरोसा है। आज से तीन दशक पहले का राजनीति इतिहास यह बता रहा है कि जब कांग्रेस के साथ मुस्लिम मतदाता एवं ब्राह्मण मतदाता था तब कांग्रेस बड़े पैमाने पर विजयी हुयी दिल्ली एंव उप्र की सरकार बनती थी, लेकिन बीच में बाबरी मस्जिद प्रकरण तथा अन्य प्रकरणों को लेंकर जब मुस्लिम कांग्रेस से नाराज हो गया तो उप्र क्या धीरे-धीरे सभी प्रान्तों से कांग्रेस का गिराफ गिरता गया और आज हासिये पर पहंुच गयी है। इसी तरह ब्राह्मण मतदाता जो प्रारम्भ से है यानी 1947 से है कांग्रेस से जुड़ा था। इतना ही नही ब्राह्मण मतदाता वोट तो करता है ही लेकिन बुद्धि जीवी होने के कारण अन्य जातियों के वोटों को भी प्रभावित करके कांग्रेस पार्टी को सत्ता तक पहुंचाता था। अब पुनः कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार शीला दीक्षित को बनाया उप्र में यह संदेश दिया है कि ब्राह्मणों को महत्व ही नही बल्कि महत्व पूर्ण पदों पर पुनः बैठाने की रणनीति बनायी गई है। उक्त नीति से प्रभावित होकर ब्राह्मण मतदाता भी कांग्रेस की तरफ झुकने को तैयार हो रहा है।

राजनीतिक समीक्षकों की माने तो उप्र में ब्राह्मण एंव अल्पसंख्यक मतों का गठजोड़ उप्र कांग्रेस की सरकार बनवा सकता है। राजनैतिक समीक्षक पं नरेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार वर्तमान की भाजपा सरकार ने पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की ओर झुकाव बढ़ा देने तथा ब्राह्मण नेताओं की उपेक्षा राष्ट्रीय एंव प्रदेश स्तर पर प्रारम्भ कर देने से ब्राह्मण वर्ग में धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता जा रहा है। अगर इस असंतोष को भाजपा हाईकमान ने न रोका तो उप्र के चुनाव में भाजपा को काफी बड़ी रजनैतिक क्षति उठानी पड़ सकती है। फिलहाल राहुल गांधी के जनपद जालौन दौरे में मिली व्यापक राजनैतिक सफलता तथा ब्राह्मण एंव अल्पसंख्यक नेताओं का खुलकर सड़कों पर आने से आम जनचर्चा यह हो रही है कि सपा-बसपा का आगामी 2017 के चुनाव में लोहे के चने चबाने पड़ सकते है। जनपद जालौन में मरी पड़ी कांग्रेस में नयी ऊर्जा राहुल गांधी के आने से मिल गयी है। परिणाम स्वरूप कांग्रेस से नेतागण टिकट मांगने में हिचकचाते थे अब लगता है कि टिकटार्थियों की भीड़ भी बढ़ सकती है।

जालौन से सौरभ पाण्डेय की रिपोर्ट