जालौन: सालों बाद भी मऊ भरतपुर माध्यमिक विद्यालय का निर्माण अधूरा

जालौन। ग्राम पंचायत मऊ भरतपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कार्य आज भी आधा अधूरा पड़ा है जिससे एक ही कमरे में तीन कक्षाओं के छात्रों को शिक्षक पढ़ाने को विवश हो रहे हैं। जब सीडीओ ने विद्यालय का निरीक्षण किया तो वह विद्यालय के अधूरे निर्माण को देख हैरत में पड़ गये। उक्त विद्यालय का अधूरा निर्माण कार्य कब पूरा होगा यह सवाल भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार जिला बेसिक अधिकारी कार्यालय द्वारा पूर्व के वर्षों में शासन से लाखों रुपये की लागत से नदीगांव विकासखंड के ग्राम मऊ भरतपुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कराया गया था लेकिन निर्माण कार्य में पूर्व प्रधानाध्यापक व पूर्व प्रधान ने हद दर्जे की लापरवाही बरतते हुये विद्यालय निर्माण के लिये आयी धनराशि का बंदरबांट कर दिया। बताया जाता है कि विद्यालय में कक्षा 6, 7 व 8 की कक्षायें संचालित कराने के लिये तीन कमरों के साथ ही एक प्रधानाध्यापक कक्ष व रसोई कक्ष का निर्माण कराया जाता है। निर्माण प्रभारी रहे पूर्व प्रधानाध्यापक ने दो कमरों की दीवालों का प्लास्टर नहीं कराया और न ही पक्का फर्श बनाया जिससे एक ही कमरे में तीनों कक्षाओं के छात्रों को शिक्षक विवश हो रहे हैं।




पिछले दिनों जब मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने मऊ भरतपुर पहुंचकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया तो दो कमरों में ताला लटकता देखकर दंग रह गये। जब उन्होंने विद्यालय के शिक्षक से उक्त संबंध में जानकारी चाही तो उसने बताया कि साहब दो कमरों का निर्माण कार्य आज भी आधा अधूरा है न तो पक्का फर्श बना है और न ही दीवालों पर प्लास्टर कराया गया जिससे वह एक ही कमरे में सभी छात्रों को पढ़ाते हैं। विद्यालय निर्माण के नाम पर लाखों रुपये का बंदरबांट करने का मामला सीडीओ के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इस मामले में क्या कार्यवाही की यह किसी को आज तक पता नहीं चल पाया। जब उक्त संबंध में मुख्य विकास अधिकारी से जानकारी करने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया था।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट

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