दीपावली को लेकर गुलजार है बाजार, भीड़भाड़ के बीच वाहन बने मुसीबत

जालौन। सबकी अपनी-अपनी दीपावली है। वह अमीर हो या गरीब अपनी-अपनी कूबत के मुताबिक सब दीपावली मनाते हैं और दीपावली की जरूरतों को लेकर लोगों को बाजार आना ही पड़ता है। अभी-अभी तक दुकानों और रघरों की सफाई, पुताई और आवश्यक निर्माण को लेकर लोग बाजार में थे और कलई, पेंट्स, लकड़ी तथा प्लास्टिक के फर्नीचर तथा सीमेंट, बालू बगैरह के काउंटर धड़ाधड़ चल रहे थे। हालांकि तमाम घरों में पुताई आद का कार्य अभी भी चल रहा है पर उतना नहीं। अब परचूनी के सामान से लेकर बिजली की झालरों, इलेक्ट्रानिक आइटमों, डीवी सैट, मिक्सी आदि के साथ अन्य अनेकों आवश्यक घरेलू सामग्री की खरीद की दौड़ घर से बाजार की ओर लगी हुयी है। इस समय सर्वाधिक मजे में रेडीमेड परिधानों की दुकानों पर नजर आ रही है।




रेडीमेड कपड़ों की दुकानों के रौशनी की चकाचौंध के बीच बड़ी-बड़ी खरीददारी अमल में हैं। बाजार में भीड़ इतनी है कि पैदल भी ठीक से नहीं चला जा पा रहा है। फिर खरीरी हुयी सामग्री से लदे पुरुष और महिलायें व बच्चे तक बड़ी कठिनाई अनुभव करते हैं। तब पड़ौस से गुजरने वाला व्यक्ति उनके कैटी बैग से टकराता निकल जाता है। इस बीच दुपहिया वाहनों की रेलमपेल अलग से मुसीबत खड़ी किये हुये हैं। सामान से लदे व्यक्ति के सम्मुख जब एक के बाद एक दुपहिया टक्कर मारने जैसी मुद्रा में अचानक ब्रेक लगाता है तब सामान भी हाथ से छूटने-छूटने को हो जाता है। दुपहियो की इस भागमभाग में यातायात पुलिस का भी भारी योगदान सामने है। पुलिस के द्वारा एक साथ कई चौराहों पर संचालित वाहन चेकिंग तमाम दुपहिया वाहन चालकों को जान बचाकर भाग निकलने को विवश करती है। ऐसे में बाजार करने वाले लोगों जो कि पैदल ही होते हैं को खुद को बचाना पड़ जाता है।




बाजार में वर्तमान की भीड़भाड़ में आने वाले दिनों में और इजाफा होने वाला है। जिससे पुलिस को बाजार को निरापद बनाने की भूमिका से अब आ ही जाना चाहिये। ऐसे में चोर, उचक्के और गिरहकट भी खासे सक्रिय हो जाते हैं। जो किसी की भी दीपावली का पर्व आर्थिक क्षति पहुंचाकर खराब कर सकते हैं। फिर बाजार को सहज बनाने और चार पहिया वाहनों से मुक्त रखने की जरूरत भी इन दिनों पड़ने वाली है। एक तो तमाम अतिक्रमण के कारण राजमार्ग बाजार वैसे ही सड़क की ओर दोनों तरफ से फूल गया है। इस पर जब कोई बड़ी गाड़ी आकर घंटों के लिये खड़ी हो जाती है तब कोई खरीदे हुये सामान से लदकर कैसे बाजार से बाहर निकले हालात गंभीर बना देता है। यदि पुलिस बल ऐसे में चारपहिया वाहनों के राजमार्ग बाजार में प्रवेश पर रोक लगा दें तो यातायात को काफी राहत मिल सकती हैं।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट