किशोरी से छेड़खानी का विरोध महंगा पड़ा छात्र को

उरई । गांव के दबंगों द्वारा दलित वर्ग की किशोरी के साथ की जा रही छेड़खानी का विरोध दलित छात्र को उस समय महंगा पड़ गया जब दबंगों ने किशोरी के पिता को मोहरा बनाकर छात्र के खिलाफ ही छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करवा दिया। जिसमें माधौगढ थाने के हल्का इंचार्ज की मिलीभगत मानी जा रही है।

पुलिस अधीक्षक डा. राकेश सिंह को दिए गए प्रार्थना पत्र में विजय कुमार पुत्र बालाराम दोहरे निवासी ग्राम कैलोर थाना माधौगढ ने अवगत कराया कि उसके बगल में ही रहने वाले रामनरेश की पुत्री के साथ गांव का दबंग ठाकुर नत्थू सिंह का पुत्र चतुर सिंह उर्फ टिंकू आए दिन छेड़खानी करता था जब मेरे पुत्र रोहित ने इसका विरोध किया तो चतुर सिंह व उसके पिता को नागवार गुजरा जिसके चलते 12 अक्टूबर 16 को चतुर सिंह व नत्थू सिंह ने उसके घर में घुसकर जातिसूचक गालीगलौज करते हुए मारपीट करने लगे विजय कुमार ने बताया कि बाप बेटे मेरे व मेरी पत्नी के साथ मारपीट कर रहे थे।




जिसका बीचबचाव मेरे पुत्र रोहित के द्वारा किया गया तो उसके साथ भी लात घूसों व लाठी डंडों से मारपीट की। घटना की तहरीर उसी दिन माधौगढ कोतवाली में दी तो दबंग ठाकुरों के इशारे पर उसके पुत्र को पांच दिनों तक माधौगढ कोतवाली में पुलिस ने बैठाए रखा और उसकी एक नही सुनी गई और न ही दबंगोंके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जब न्याय पाने के लिए उसने पुलिस के उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई तो बौखलाकर दबंगों ने हल्का इंचार्ज के साथ सांठगांठ कर रामनरेश की पुत्री ज्योति प्रार्थना पत्र देकर 18 अक्टूबर को रोहित के खिलाफ धारा 354 ए का फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया।

विजय कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिया कि उसका पुत्र रोहित माधौगढ डिग्री कालेज में अध्ययनरत है जबकि वह हाईस्कूल एवं इंटर में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ है और जानबूझकर उसके भविष्य को क्षेत्रीय पुलिस से मिलीभगत कर दबंग ठाकुरों द्वारा बर्बाद किया जा रहा है। पीडि़त दलित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की जांच किसी भी क्षेत्राधिकारी से कराने तथा दबंगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और रोहित के विरूद्ध दर्ज की गई फर्जी एफआईआर निरस्त कर उसके भविष्य को बचाने की मांग की है।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट

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