जनगणना रजिस्टर से गायब हुए उरई कांशीराम कालोनी के वाशिंदे

उरई । राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर से गायब हुई जनपद जालौन के मुख्यालय उरई की कांशीराम कालोनी के वाशिंदों को फिर से खोजने में नगर पालिका कर्मचारियों को लगाया गया है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति एवं उसके परिवार का डाटा एकत्रित करने के निर्देश नगर पालिका परिषद उरई के अधिशाषी अधिकारी रविन्द्र कुमार के द्वारा दिए गए है।




उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में पूरे देश भर में जनगणना की गई थी जिला मुख्यालय उरई स्थित कांशीराम कालोनी में रहने वाले लोगों का भी डाटा एकत्रित कर शासन को भेजा गया था। शासन के द्वारा यह डाटा राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर में दर्ज करने के लिए भारत सरकार को भेजा गया था। लेकिन जनगणना के पांच वर्ष बाद जब जालौन जिले का जनगणना रजिस्टर लिपिबद्ध होकर आया तो उसमें कांशीराम कालोनी पूरी तरह से साफ थी। कांशीराम कालोनी उरई में करीब डेढ हजार आवास है जिनका एमपीआर रजिस्टर में कहीं कोई लेखाजोखा नही है। इस संबंध में अधिशाषी अधिकारी रविन्द्र कुमार का कहना था कि जनगणना के डाटा इंट्री का काम चेन्नई की संस्था के द्वारा किया गया और संभवतः डाटा स्केनिंग के दौरान उरई की कांशीराम कालोनी का डाटा फीड नही हो पाया जब इसकी जानकारी भारत सरकार को दी गई तो फिर से प्रदेश शासन द्वारा एमपीआर रजिस्टर में उरई की कांशीराम कालोनी के लोगांे की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए गए है।




जिस पर अमल करते हुए नगर पालिका उरई के सभी कर्मचारियों को जनगणना के लिए अधिकृत प्रोफार्मा उपलब्ध कराया गया है जिसमें उन्हें कांशीराम कालोनी उरई में रहने वाले लोगों के नाम पते, रोजगार, आदि के बारे में जानकारी एकत्रित करने निर्देश दिए गए है और दस नवबंर तक कालोनी के डेढ हजार आवासों में रहने वाले लोगों की संपूर्ण जानकारी एकत्रित करने के लिए पालिका कर्मचारियों को कहा गया है जिससे समय रहते एकत्रित डाटा प्रदेश शासन को भेजा जा सके जिससे एमपीआर रजिस्टर में उरई की कांशीराम कालोनी को भी दर्ज कराया जा सके।

खुलेगी करमेर रोड, करसान रोड की किस्मत




उरई। जिला मुख्यालय उरई की ध्वस्त पड़ी तमाम सड़कों की किस्मत को फिर से संवारने के लिए नगर पालिका परिषद उरई जल्द की जुटने वाली है। गड्ढेयुक्त जिन सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे उनका मरम्मत एवं चौड़ीकरण के लिए शासन ने धनराशि उपलब्ध करा दी है। नगर पालिका परिषद उरई के अधिशाषी अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि शहर की सबसे खराब स्थिति में करमेर रोड था जिस पर आम आदमी का आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा था क्योंकि करमेर रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे इसी तरह करसान रोड, उमरारखेरा रोड, इलाहाबाद बैंक से कोंच बस स्टैंड को जाने वाले रोड के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जहां से करीब सात करोड़ की धनराशि की स्वीकृत हो चुकी है और जल्द ही इन सड़कों की किस्मत फिर से चमकती दिखाई देगी। जिससे शहर का आवागमन सुचारू रूप से हो सकेगा।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट