सात सूत्रीय मांगों को लेकर महिला रसोइयां आंदोलन पर

जालौन। भारतीय महिला फैडरेशन की जिला इकाई से संबद्ध मध्यान्ह भोजन रसोइयों की ज्वलंत सात सूत्रीय समस्याओं की ओर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने की मंशा से दूसरे दिन भी महिला रसोइयों को धरना जारी रहा तो वहीं फैडरेशन ने मांगों का ज्ञान मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा।




कलेक्ट्रेट परिसर में धरना सभा पर बैठी भारतीय महिला फैडरेशन की का. रक्षा अवस्थी, गीता चौधरी, ऊषा कुशवाहा आदि ने बताया कि सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोइयों की न्यूनतम मानदेय 12 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाये। रसोइयों को हर माह के प्रथम सप्ताह में मानदेय दिलाया जाये। रसोइया महिलाओं को प्रधानाध्यापक द्वारा जबरन स्कूल की साफ सफाई जैसे काम में लगाने संबंधी प्रथा पर रोक लगायी जाये। रसोइयों को माह मार्च एवं जून 2016 का मानदेय भुगतान तत्काल कराया जाये।




मध्यान्ह भोजन वाली रसोइयों को नये सत्र में फार्म भरवाकर नई नियुक्ति की जाती है इस कुप्रथा को रोका जाये। एमडीएम योजना का नियमितीकरण किया जाये। विद्यालय में भोजन बनाने एवं बच्चों को भोजन खिलाने के बाद रसोइयों को विद्यालय में न रोका जाये। इस दौरान ममता सोनी, मनोरमा, रामप्यारी, सरला, लक्ष्मी, नीलम, कुसुम, संगीता, सीमा, मंजू, नीतू, गीता सहित अनेकों महिलायें उपस्थित रहीं।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट