तिहरे हत्याकांड का खुलासा संदिग्ध

जालौन। पुलिस लाइन सभागृह में पुलिस अधीक्षक डा. राकेश सिंह ने शनिवार आज उरई के मोहल्ला विजय नगर के तिहरे हत्याकांड का उलझाव भरा खुलासा कर दिया। इस खुलासे से न तो स्मैक की तस्करी का ठीक से सिलसिला जुड़ा और न ही कोई खास रंजिश ही सामने आयी।



कहा गया कि श्रीमती अभिलाषा तिवारी तब ग्वालियर जेल में बंद थी। जिसे जेल की सुविधायें दिलाने में जेल में बंद बृजेश पटेल पुत्र अर्जुन तथा सोनू उर्फ गोविंद पुत्र लक्ष्मीनारायण यादव दोनों निवासी गौसपुरा नंबर-1 ग्वालियर मप्र ने रुपया खर्च किए। इन तकरीबन तीन लाख रुपये की वापसी के लिये उक्त दोनों लोग 18 नवंबर 2016 को बस द्वारा उरई आये और पैसे न मिलने तथा अभिलाषा तिवारी द्वारा यह कह दिए जाने कि ऐसे हिजड़े तो तमाम आते हैं ने कत्ल के लिए विवश कर दिया।

मौके पर मौजूद तथा घायल अभियुक्त बृजेश पटेल ने पूंछने पर यह भी कहा कि वह दोनों हत्या करने की ही नियत से उरई आये थे और उन्हें पता नहीं था कि अभिलाषा तिवारी का जवान बेटा कार्तिक तिवारी भी घर में मौजूद है। जिसने मरने के पूर्व संघर्ष किया। इस तरह पुलिस द्वारा किए गए तिहरे हत्याकांड के खुलासे में हत्या का नजरिया साफ नहीं है। अभियुक्त हत्या के लिए कटार आदि लेकर आये भी थे और पैसा न मिलने तथा हिजड़ा कह दिए जाने से कुपित हो विवशतः उन्होंने कत्ल किया उसभाव जैसे द्विदक्षीय अर्थात पुलिस तथा अभियुक्त के कथन हैं।




जिससे लगता है कि पुलिस को अभी इस प्रकरण में ठीक से खुलासे की जरूरत पेश रह गयी है तथा तिहरे हत्याकांड को लेकर की गयी अन्य अधिकारियों को पुलिस ने छिपा रखा रहा है। पुलिस ने लिखित रूप से जारी किए गए कथित खुलासे में कुछ सामान तथा नकदी बरामद होना बताया है। किंतु न तो रुपयों की संख्या बतायी गयी और न ही सामान की सूची ही प्रस्तुत की गयी जिसे लेकर भी उलझाव बना हुआ है।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट