जनपद में 145 प्रजातियों की चिडि़यों की हुई पहचान

जालौन। उप्र के जरार स्थित चम्बल सफारी जनपद आगरा में विश्व स्तर का बर्ड फेस्टिबल 2 से 4 दिसंबर 2016 आयोजित हो रहा जिसमें 26 देशों के पक्षियों, पर्यावरण विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसी क्रम में जनपद में भी उक्त आयोजन मोहम्मदाबाद तालाब, कालपी में उसरगांव, कदौरा में परासन, माधौगढ़ में बंगरा तालाब व कोंच में धनु तालाब, जालौन में भिटारा व एट में बिलायां तथा न्यामतपुर में सिम्हारा कासिमपुर तालाब में संपन्न हुआ जिसमें जनपद में 145 विभिन्न प्रजातियों की चिडि़यों की पहचान की गयी।




माधौगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत बंगरा तालाब में आयोजित बर्ड फेस्टिवल का आयोजन पर्यावरण प्रेमी माताप्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ जिसमें रेंजर एसपी सिंह व वन विभाग के अनेकों कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माताप्रसाद तिवारी ने कहा कि लगातार पेड़ों की कटान से पक्षियों की अनेकों प्रकार की प्रजातियां अब विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गयी हैं। उन्होंने कहा कि पक्षियों का पर्यावरण संतुलन में विशेष योगदान रहा है। क्योंकि इनका भोजन ही कीड़े, मकोड़े रहते हैं। जो मानव समाज को अनेकों प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त कर सकते हैं। लेकिन आज के दौरान हम सभी को पक्षियों के प्रति जागरूकता पैदा कर उन्हें बचाने की पहल करनी होगी तभी पर्यावरण को बचाया जा सकता है। उक्त जनकारी प्रभागीय वनाधिकारी बीआर अहिरवार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।

जालौन से सौरभ पांडेय की रिपोर्ट