जम्मू-कश्मीर: पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती जेल से भेजी गईं घर, रहेंगी नजरबंद

mahbooa mufti
जम्मू-कश्मीर: पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती जेल से भेजी गईं घर, रहेंगी नजरबंद

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को अस्थायी जेल से उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था। अभी वह जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में हैं।

Jammu And Kashmir Former Chief Minister Mehbooba Mufti Sent Home From Jail Will Be Under House Arrest :

जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने महबूबा मुफ्ती घर में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि मौलाना आजाद रोड स्थित अस्थायी जेल से उन्हें उनके आधिकारिक निवास स्थान ‘फेयरव्यू गुपकर रोड’ शिफ्ट किया जा रहा है। अभी उनके घर को ही अस्थायी जेल घोषित कर दिया गया है। महबूबा मुफ्ती को 5 अगस्त को एहतियाती हिरासत में लिया गया था। 6 फरवरी को उन पर पीएसए लगाया गया।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को रिहा किया था। इन दोनों के ऊपर भी पीएसए लगाया गया था, जिसे पिछले महीने वापस ले लिया गया था। फारूक और उमर अब्दु्ल्ला ने महबूबा सहित नजरबंद सभी नेताओं को रिहा करने की अपील की थी।

जम्मू-कश्मीर में 1978 में अस्तित्व में आए जन सुरक्षा कानून के तहत किसी व्यक्ति को बिना ट्रायल के ही 6 महीने तक जेल में रखा जा सकता है। राज्य सरकार आवश्यकता के हिसाब से इस अवधि को 2 साल तक बढ़ा सकती है। दरअसल इसमें दो प्रावधान हैं। पहला लोक व्यवस्था और दूसरा राज्य की सुरक्षा को खतरा। पहले प्रावधान के तहत किसी को बिना मुकदमा छह महीने और दूसरे प्रावधान के तहत दो साल तक जेल में रखा जा सकता है।

पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को मोदी सरकार ने निष्प्रभावी कर दिया था। इस फैसले से पहले राज्य के सैकड़ों नेताओं को हिरासत में लिया गया था। हालात सामान्य होने के साथ अधिकतर लोगों को रिहा किया जा चुका है। महबूबा मुफ्ती बीजेपी के साथ राज्य में गठबंधन सरकार भी चला चुकी हैं। वह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर कई बार गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे चुकी थीं।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को अस्थायी जेल से उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था। अभी वह जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में हैं। जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने महबूबा मुफ्ती घर में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि मौलाना आजाद रोड स्थित अस्थायी जेल से उन्हें उनके आधिकारिक निवास स्थान 'फेयरव्यू गुपकर रोड' शिफ्ट किया जा रहा है। अभी उनके घर को ही अस्थायी जेल घोषित कर दिया गया है। महबूबा मुफ्ती को 5 अगस्त को एहतियाती हिरासत में लिया गया था। 6 फरवरी को उन पर पीएसए लगाया गया। इससे पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को रिहा किया था। इन दोनों के ऊपर भी पीएसए लगाया गया था, जिसे पिछले महीने वापस ले लिया गया था। फारूक और उमर अब्दु्ल्ला ने महबूबा सहित नजरबंद सभी नेताओं को रिहा करने की अपील की थी। जम्मू-कश्मीर में 1978 में अस्तित्व में आए जन सुरक्षा कानून के तहत किसी व्यक्ति को बिना ट्रायल के ही 6 महीने तक जेल में रखा जा सकता है। राज्य सरकार आवश्यकता के हिसाब से इस अवधि को 2 साल तक बढ़ा सकती है। दरअसल इसमें दो प्रावधान हैं। पहला लोक व्यवस्था और दूसरा राज्य की सुरक्षा को खतरा। पहले प्रावधान के तहत किसी को बिना मुकदमा छह महीने और दूसरे प्रावधान के तहत दो साल तक जेल में रखा जा सकता है। पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को मोदी सरकार ने निष्प्रभावी कर दिया था। इस फैसले से पहले राज्य के सैकड़ों नेताओं को हिरासत में लिया गया था। हालात सामान्य होने के साथ अधिकतर लोगों को रिहा किया जा चुका है। महबूबा मुफ्ती बीजेपी के साथ राज्य में गठबंधन सरकार भी चला चुकी हैं। वह अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर कई बार गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे चुकी थीं।