जम्मू एवं कश्मीर: मार्च में होंगे पंचायत उपचुनाव, आर्टिकल 370 हटने के बाद होगा पहला इलेक्शन

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जम्मू एवं कश्मीर: मार्च में होंगे पंचायत उपचुनाव, आर्टिकल 370 हटने के बाद होगा पहला इलेक्शन

नई दिल्ली: आर्टिकल 370 हटने के बाद पूर्ण राज्य से केन्द्र शाषित प्रदेश बने जम्मू एवं कश्मीर में कोई चुनाव नही हुआ है। लेकिन मार्च में यहां पहली बार कोई चुनाव होने जा रहा है। जम्मू एवं कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी ने ऐलान किया है कि यहां पर पंचायत उपचुनाव मार्च में करवाए जाएंगे। बताया गया कि करीब 13,000 रिक्त पंचायत सीटों के लिए यह चुनाव करवाया जाएगा।

Jammu And Kashmir Panchayat By Elections Will Be Held In March The First Election Will Be After The Removal Of Article 370 :

आपको बता दें कि पिछले वर्ष अगस्त में जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने और उसे केंद्रशासित प्रदेश बना दिए जाने के बाद यह पहली बड़ी राजनैतिक गतिविधि होगी। जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शेलेंद्र कुमार ने बताया कि चुनाव आठ चरण में होंगे साथ ही गुरुवार से ही जम्मू कश्मीर में चुनाव आचार सहिंता भी लागू हो गई है।

बताया गया कि साल 2018 में हुए पंचायत चुनाव में दो प्रमुख पार्टी नेशनल कॉंफ्रेस और PDP ने चुनाव का बहिष्कार किया था जिसके बाद लगभग 12 हजार सीटे खाली रह गई थी। इधर कश्मीर के हालत का जायजा लेने के लिए आए विदेशी राजनायिकों के प्रतिनिधिमंडल को सेना के अधिकारियों ने गुरूवार को सुरक्षा हालात के बारे में जानकारी दी।

बताया गया कि पिछले एक महीने में केंद्र शासित प्रदेश के दौरे पर आए विदेश राजनयिकों का यह दूसरा जत्था है। इससे पहले सरकार 15 विदेशी राजनयिकों का एक दल जम्मू कश्मीर के दौरे पर ले गई थी जिसका लक्ष्य उन्हें यह दिखाना था कि कश्मीर घाटी में हालात सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अनेक विपक्षी दलों ने इसे ‘‘गाइडेड टूर” बताया है।

नई दिल्ली: आर्टिकल 370 हटने के बाद पूर्ण राज्य से केन्द्र शाषित प्रदेश बने जम्मू एवं कश्मीर में कोई चुनाव नही हुआ है। लेकिन मार्च में यहां पहली बार कोई चुनाव होने जा रहा है। जम्मू एवं कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी ने ऐलान किया है कि यहां पर पंचायत उपचुनाव मार्च में करवाए जाएंगे। बताया गया कि करीब 13,000 रिक्त पंचायत सीटों के लिए यह चुनाव करवाया जाएगा। आपको बता दें कि पिछले वर्ष अगस्त में जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने और उसे केंद्रशासित प्रदेश बना दिए जाने के बाद यह पहली बड़ी राजनैतिक गतिविधि होगी। जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शेलेंद्र कुमार ने बताया कि चुनाव आठ चरण में होंगे साथ ही गुरुवार से ही जम्मू कश्मीर में चुनाव आचार सहिंता भी लागू हो गई है। बताया गया कि साल 2018 में हुए पंचायत चुनाव में दो प्रमुख पार्टी नेशनल कॉंफ्रेस और PDP ने चुनाव का बहिष्कार किया था जिसके बाद लगभग 12 हजार सीटे खाली रह गई थी। इधर कश्मीर के हालत का जायजा लेने के लिए आए विदेशी राजनायिकों के प्रतिनिधिमंडल को सेना के अधिकारियों ने गुरूवार को सुरक्षा हालात के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि पिछले एक महीने में केंद्र शासित प्रदेश के दौरे पर आए विदेश राजनयिकों का यह दूसरा जत्था है। इससे पहले सरकार 15 विदेशी राजनयिकों का एक दल जम्मू कश्मीर के दौरे पर ले गई थी जिसका लक्ष्य उन्हें यह दिखाना था कि कश्मीर घाटी में हालात सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अनेक विपक्षी दलों ने इसे ‘‘गाइडेड टूर'' बताया है।