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जम्मू-कश्मीर: नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के बागी नेताओं ने बनाया नया दल, ये होगा नाम

By बलराम सिंह 
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Jammu And Kashmir Rebel Leaders Of National Conference And Pdp Set Up New Party Will Be Named

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और राज्य के दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने से सियासी गतिविधियां पूरी तरह से ठप हैं। राज्य की सियासत में अहम भूमिका निभाने वाले नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के मुखिया फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी अभी भी जारी है। इसी बीच राज्य में शीघ्र ही एक नई पार्टी अस्तित्व में आएगी। नई पार्टी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेकां से नाराज पूर्व विधायक और कई पूर्व मंत्री शामिल होंगे।

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नई पार्टी को पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में शुरू किए गए तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद का नतीजा माना जा रहा है। नेकां और पीडीपी को हाशिये पर करने के लिए पार्टी बनकर तैयार है। पार्टी का नाम ‘अपनी पार्टी’ होगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो नए दल की घोषणा अगले महीने हो सकती है। जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना, स्थानीय लोगों की नौकरी व जमीन की सुरक्षा और बेरोजगारी आदि पार्टी का प्रमुख एजेंडा होंगे। पार्टी की घोषणा के बाद इसके नेता दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से भी मिल सकते हैं।

नई पार्टी बनाने में जुड़े नेताओं ने बताया कि पार्टी की संविधान समिति 24-25 फरवरी के आसपास अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के बाद पार्टी का एलान कभी भी किया जा सकता है। फिलहाल, इसके पदाधिकारियों के नाम नहीं तय हो पाए हैं। कहा जा रहा है कि नई पार्टी शुरूआती दौर में सामूहिक रूप से काम करेगी। जरूरत पड़ने पर पदाधिकारी चुने जाएंगे। पार्टी में कश्मीर के नेताओं के अलावा जम्मू संभाग के नेता भी शामिल होंगे। इसमें 60 फीसदी पुराने तथा 30 प्रतिशत नए चेहरे होंगे। ब्यूरोक्रेट्स, व्यापारी, युवा, पत्रकार भी इस पार्टी का हिस्सा होंगे।

बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग भी पार्टी का हिस्सा हो सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह पीडीपी के लिए एक और बड़ा झटका होगा, क्योंकि बेग पीडीपी के संस्थापक सदस्य हैं। पिछले महीने उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि महबूबा मुफ्ती की ओर से अनुच्छेद 370 व 35ए को लेकर दिया गया भड़काऊ बयान भी इसके हटने की एक प्रमुख वजह है।

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