श्रीनगर : सचिवालय से उतरा जम्मू-कश्मीर का झंडा, लहरा रहा राष्ट्रीय ध्वज

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श्रीनगर : सचिवालय से उतरा जम्मू-कश्मीर का झंडा, लहरा रहा राष्ट्रीय ध्वज

नई दिल्ली। श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय भवन पर लगे जम्मू-कश्मीर के झंडे को उतार दिया गया। अब वहां सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहा हे। आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पूर्व जम्मू-कश्मीर की सरकारी इमारतों व अन्य स्थानों पर देश के झंडे के साथ ही राज्य का झंडा लगाया जाता रहा है।

Jammu And Kashmirs Flag Landed From The Secretariat The National Flag Is Waving :

बता दें कि अनुच्छेद 370 व 35-ए की समाप्ति जम्मू-कश्मीर में एक संविधान, एक विधान को लागू करती है। इसी के मद्देनजर रविवार को सचिवालय भवन से जम्मू-कश्मीर के झंडे को उतार दिया गया है। हालाकि राज्य से धारा 370 समाप्त होने के बाद से वहां की सभी सरकारी बिल्डिंगों पर राष्ट्रीय ध्वज ही फहराया जाएगा।

हालांकि, अभी झंडा उतारने का निर्णय केवल सचिवालय द्वारा ही लिया गया है। वहीं जम्मू—कश्मीर की अन्य सरकारी बिल्डिगों पर अभी दोनों झण्डे लहरा रहे हैं। पांच अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में प्रस्ताव दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 370 को जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने के लिए निरस्त किया जाए। जिसे दोनों सदनों में पास होने के बाद स्वीकार कर लिया गया। इस कानून के समाप्त होने के साथ ही राज्य में अलग झण्डा फहराने का प्रावधान भी समाप्त हो गया।

नई दिल्ली। श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय भवन पर लगे जम्मू-कश्मीर के झंडे को उतार दिया गया। अब वहां सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहा हे। आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पूर्व जम्मू-कश्मीर की सरकारी इमारतों व अन्य स्थानों पर देश के झंडे के साथ ही राज्य का झंडा लगाया जाता रहा है। बता दें कि अनुच्छेद 370 व 35-ए की समाप्ति जम्मू-कश्मीर में एक संविधान, एक विधान को लागू करती है। इसी के मद्देनजर रविवार को सचिवालय भवन से जम्मू-कश्मीर के झंडे को उतार दिया गया है। हालाकि राज्य से धारा 370 समाप्त होने के बाद से वहां की सभी सरकारी बिल्डिंगों पर राष्ट्रीय ध्वज ही फहराया जाएगा। हालांकि, अभी झंडा उतारने का निर्णय केवल सचिवालय द्वारा ही लिया गया है। वहीं जम्मू—कश्मीर की अन्य सरकारी बिल्डिगों पर अभी दोनों झण्डे लहरा रहे हैं। पांच अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में प्रस्ताव दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 370 को जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने के लिए निरस्त किया जाए। जिसे दोनों सदनों में पास होने के बाद स्वीकार कर लिया गया। इस कानून के समाप्त होने के साथ ही राज्य में अलग झण्डा फहराने का प्रावधान भी समाप्त हो गया।