आर्टिकल 370 हटने के बाद पहली बार कश्मीर जाएंगे आर्मी चीफ बिपिन रावत

vipin rawat
आर्टिकल 370 हटने के बाद पहली बार कश्मीर जाएंगे आर्मी चीफ बिपिन रावत

नई दिल्ली। थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत आज श्रीनगर दौरे पर पहुंचे हैं। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद सेना प्रमुख पहली बार वहां पहुंचे हैं। यहां से आर्टिकल 370 (Article 370) हटाये जाने बाद ये पहला मौका है जब वो घाटी के दौरे पर जा रहे हैं. जनरल बिपिन रावत श्रीनगर में सुरक्षा हालात और कश्मीर घाटी में स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैयारियों का जायजा लेंगे.

Jammu Kashmir Article 370 Sri Nagar Bipin Rawat :

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद वहां लगी पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। हालांकि, घाटी में अब भी इंटरनेट सेवा पर पाबंदी जारी है। इसके अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास का खाका खींचना भी शुरू कर दिया है।

वहीं, कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों और अधिकारियों को जम्मू और कश्मीर के लिए विकास योजनाओं पर प्लानिंग करने और उस पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को ऐलान किया कि अगले 2 से 3 महीने में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 50,000 सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती होगी।

नई दिल्ली। थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत आज श्रीनगर दौरे पर पहुंचे हैं। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद सेना प्रमुख पहली बार वहां पहुंचे हैं। यहां से आर्टिकल 370 (Article 370) हटाये जाने बाद ये पहला मौका है जब वो घाटी के दौरे पर जा रहे हैं. जनरल बिपिन रावत श्रीनगर में सुरक्षा हालात और कश्मीर घाटी में स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैयारियों का जायजा लेंगे. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद वहां लगी पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। हालांकि, घाटी में अब भी इंटरनेट सेवा पर पाबंदी जारी है। इसके अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास का खाका खींचना भी शुरू कर दिया है। वहीं, कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों और अधिकारियों को जम्मू और कश्मीर के लिए विकास योजनाओं पर प्लानिंग करने और उस पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सूबे के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को ऐलान किया कि अगले 2 से 3 महीने में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 50,000 सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती होगी।