जननी सुरक्षा योजना में बड़ी धांधली, नियमों को ताक पर रख रेवड़ियों की तरह बांटे पैसे

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जननी सुरक्षा योजना में बड़ी धांधली, नियमों को ताक पर रख रेवड़ियों की तरह बांटे पैसे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में जननी सुरक्षा योजना को लेकर बड़ी धांधली सामने आई है। यहां एक व्यक्ति को आठ माह में 12 प्रसव दिखाकर योजना का लाभ दे दिया गया। ऐसा सिर्फ एक व्यक्ति के साथ नहीं हुआ बल्कि 57 लाभार्थियों को एक से अधिक बार योजना का लाभ दिया गया। नियमों के मुताबिक इस योजना के तहत संस्थागत प्रसव होने पर सिर्फ एक बार ही लाभ दिया जा सकता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

बता दें कि सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव कराने के बाद प्रसूताओं को 14-14 सौ रुपये जननी सुरक्षा योजना के तहत दिया जाता है। पहले चेक के माध्यम से भुगतान दिया जाता था, लेकिन गड़बड़झाला पकड़ में आने के बाद ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था कर दी गई। अमेठी जिले के जगदीशपुर सीएचसी क्षेत्र में जननी सुरक्षा योजना की गाइड लाइन को ताक पर रखकर रेवड़ियों की तरह पैसे बांटे गए।

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नियम यह है कि जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रसूताओं के खाते में भेजा जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने 11 अक्तूबर 2017 से 15 मई 2018 के बीच हरीश कुमार के खाता संख्या 34605919855 में 12 बार 14-14 सौ रुपये ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इस तरह करीब 57 लोगों के खाते में 14-14 सौ रुपये कई बार भेजे गए। जब मामले की जांच शुरू हुई तो इस धांधली का खुलासा हुआ और महकमे में हड़कंप मचा।

कार्रवाई के डर से लाभार्थियों के खातों में अवैध रूप से भेजी गई करीब 1.92 लाख रुपये की धनराशि छह जुलाई से 17 जुलाई के बीच वापस लेकर एनएचएम के खाते में जमा करा दी गई है। वहीं समीक्षा में गड़बड़झाला पकड़ में आने के बाद एनएचएम के निदेशक पंकज कुमार ने अमेठी के डीएम को पत्र जारी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर जवाब देने के आदेश दिए हैं। अमेठी के सीएमओ कार्यालय में कार्रवाई के संबंध में पत्र पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

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वहीं इस मामले पर अमेठी की जिलाधिकारी शकुंतला गौतम का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो सीएमओ से जवाब लेकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। एनएचएम में नियमानुसार ही भुगतान करने की व्यवस्था है। सीएचसी स्तर पर जननी सुरक्षा योजना में एक ही लाभार्थियों को बार-बार भुगतान की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में जननी सुरक्षा योजना को लेकर बड़ी धांधली सामने आई है। यहां एक व्यक्ति को आठ माह में 12 प्रसव दिखाकर योजना का लाभ दे दिया गया। ऐसा सिर्फ एक व्यक्ति के साथ नहीं हुआ बल्कि 57 लाभार्थियों को एक से अधिक बार योजना का लाभ दिया गया। नियमों के मुताबिक इस योजना के तहत संस्थागत प्रसव होने पर सिर्फ एक बार ही लाभ दिया जा सकता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य…
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