जापान ने बढ़ाई चीन की मुश्किलें, कहा- भारत के बगैर RCEP में नही होंगे शामिल

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जापान ने बढ़ाई चीन की मुश्किलें, कहा- भारत के बगैर RCEP में नही होंगे शामिल

नई दिल्ली। भारत के बाद जापान ने भी क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) समझौते पर चीन को झटका दिया है। जापान के शीर्ष प्रतिनिधि ने संकेत दिए हैं कि अगर RCEP में भारत शामिल नहीं होता है तो वह भी इससे पीछे हट सकता है। पीएम मोदी ने इसे देशहित में लिया गया फैसला बताया था। भारत की मानना है कि आरसेप में चीन का दबदबा रहेगा और इसमें शामिल होने से भारत के कारोबारी हित प्रभावित होंगे।

Japan Increased Chinas Problems Said India Will Not Join Without Rcep :

भारत पहले कर चुका है मना

भारत ने इस महीने यह कहते हुए क्षेत्रीय व्यापार समझौते का हिस्सा होने से मना कर दिया था कि इससे उसके देश के बेहद गरीब लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। चीन ने कहा है कि बाकी 15 देशों ने समझौते में आगे बढ़ने का फैसला किया है और जब भारत इसके लिए तैयार हो जाएगा तो उसका आरसीईपी में स्वागत किया जाएगा।

फिलहाल हस्ताक्षर नहीं करेगा जापान

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान के डेप्युटी इकॉनमी, ट्रेड एवं इंडस्ट्री मिनिस्टर हिदेकी माकिहारा ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘फिलहाल हम इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। हम भारत के साथ आरसीईपी समझौते में शामिल होने के बारे में सोच रहे हैं।’ प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने चीन के क्षेत्रीय प्रभुत्व को संतुलित करने के लिए भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने का आह्वान किया है।

भारत, जापान की टू प्लस टू बैठक

जापान तथा भारत के विदेश तथा रक्षा मंत्रियों ने इस सप्ताहांत तथाकथित ‘टू प्लस टू’ फॉर्मेंट में पहली बैठक की। दोनों देश ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका के साथ सुरक्षा वार्ता में शामिल हैं, जिसे क्वाड कहा गया है और इसकी बीजिंग ने शिकाय करते हुए कहा है कि यह कदम नए शीत युद्ध को दावत दे सकता है।

नई दिल्ली। भारत के बाद जापान ने भी क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) समझौते पर चीन को झटका दिया है। जापान के शीर्ष प्रतिनिधि ने संकेत दिए हैं कि अगर RCEP में भारत शामिल नहीं होता है तो वह भी इससे पीछे हट सकता है। पीएम मोदी ने इसे देशहित में लिया गया फैसला बताया था। भारत की मानना है कि आरसेप में चीन का दबदबा रहेगा और इसमें शामिल होने से भारत के कारोबारी हित प्रभावित होंगे। भारत पहले कर चुका है मना भारत ने इस महीने यह कहते हुए क्षेत्रीय व्यापार समझौते का हिस्सा होने से मना कर दिया था कि इससे उसके देश के बेहद गरीब लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। चीन ने कहा है कि बाकी 15 देशों ने समझौते में आगे बढ़ने का फैसला किया है और जब भारत इसके लिए तैयार हो जाएगा तो उसका आरसीईपी में स्वागत किया जाएगा। फिलहाल हस्ताक्षर नहीं करेगा जापान ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान के डेप्युटी इकॉनमी, ट्रेड एवं इंडस्ट्री मिनिस्टर हिदेकी माकिहारा ने एक इंटरव्यू में कहा, 'फिलहाल हम इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। हम भारत के साथ आरसीईपी समझौते में शामिल होने के बारे में सोच रहे हैं।' प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने चीन के क्षेत्रीय प्रभुत्व को संतुलित करने के लिए भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने का आह्वान किया है। भारत, जापान की टू प्लस टू बैठक जापान तथा भारत के विदेश तथा रक्षा मंत्रियों ने इस सप्ताहांत तथाकथित 'टू प्लस टू' फॉर्मेंट में पहली बैठक की। दोनों देश ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका के साथ सुरक्षा वार्ता में शामिल हैं, जिसे क्वाड कहा गया है और इसकी बीजिंग ने शिकाय करते हुए कहा है कि यह कदम नए शीत युद्ध को दावत दे सकता है।