जौनपुर: फिर सामने आया शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा, सीएम से की शिकायत!

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जौनपुर: फिर सामने आया शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा, सीएम से की शिकायत

जौनपुर। जौनपुर में सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक में फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्कूल प्रबंध समिति ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन बेसिक शिक्षा ​अधिकारी की मिली भगत से दो ​फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। आरोप है कि बीते डेढ़ वर्षों से स्कूल आए बिना दोनों वेतन भी ले रहे हैं।

Jaunpur Against The Matter Of Fake Teachers A Complaint From The Cm :

जौनपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूढ़ूपुर सराय मोहिउदृदीनपुर के संस्थापक और प्रबंध समिति के अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद निषाद का आरोप है कि फरवरी 2019 में विद्यालय के प्रबंधक ने चोरी छिपे दो शिक्षकों की नियुक्ति करा दी। इसके एवज में रुपये भी लिए गए। इसकी जानकारी विद्यालय प्रबंध समिति को हुई तो उन्होंने ऐतराज जताया।

इसके साथ ही इसकी शिकायत शासन और जिलाधिकारी से की। इसके साथ ही प्रबंध समिति ने साधारण सभा आहूत करके प्रबंधक के विरुद्ध जांच के लिए समिति गठित की। समिति ने जांच में प्रबंधक पर लगे आरोप सही पाए।

ठा​कुर प्रसाद का आरोप है कि नियुक्ति के डेढ़ साल पूरे होने को हैं लेकिन दोनों शिक्षक एक दिन भी स्कूल नहीं पहुंचे। बावजूद इसके ​अधिकारियों की मिलीभगत से दोनों का वेतन आहरित होता रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

 

जौनपुर। जौनपुर में सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक में फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्कूल प्रबंध समिति ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन बेसिक शिक्षा ​अधिकारी की मिली भगत से दो ​फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। आरोप है कि बीते डेढ़ वर्षों से स्कूल आए बिना दोनों वेतन भी ले रहे हैं। जौनपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूढ़ूपुर सराय मोहिउदृदीनपुर के संस्थापक और प्रबंध समिति के अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद निषाद का आरोप है कि फरवरी 2019 में विद्यालय के प्रबंधक ने चोरी छिपे दो शिक्षकों की नियुक्ति करा दी। इसके एवज में रुपये भी लिए गए। इसकी जानकारी विद्यालय प्रबंध समिति को हुई तो उन्होंने ऐतराज जताया। इसके साथ ही इसकी शिकायत शासन और जिलाधिकारी से की। इसके साथ ही प्रबंध समिति ने साधारण सभा आहूत करके प्रबंधक के विरुद्ध जांच के लिए समिति गठित की। समिति ने जांच में प्रबंधक पर लगे आरोप सही पाए। ठा​कुर प्रसाद का आरोप है कि नियुक्ति के डेढ़ साल पूरे होने को हैं लेकिन दोनों शिक्षक एक दिन भी स्कूल नहीं पहुंचे। बावजूद इसके ​अधिकारियों की मिलीभगत से दोनों का वेतन आहरित होता रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।