1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. जयंती विशेषः जानिए पं मदन मोहन मालवीय को क्यों दी गई महामना की उपाधि?

जयंती विशेषः जानिए पं मदन मोहन मालवीय को क्यों दी गई महामना की उपाधि?

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। जन्मजयंती विशेष में हम पढेंगे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक और भारत रत्न पं मदन मोहन मालवीय के बारे में जिन्हें महामना कहा गया। इनका जन्म 25 दिसम्बर 1861 को प्रयाग में हुआ। इनके पिता का नाम ब्रजनाथ तथा माता का नाम मूना देवी था। इन्होंने ने पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधारक समेत कई क्षेत्रों में अपना योगदान दिया।

पढ़ें :- Narendra Singh Verma jeevan parichay : इस सीट पर नरेंद्र सिंह वर्मा का चलता है सिक्का, अब छह बार चुने जा चुके हैं विधायक

शिक्षा के क्षेत्र में भारत का नाम ऊॅचा करने के लिये विश्वविद्यालय की स्थापना की, जहां से शिक्षा प्राप्त कर बच्चें देश का सर गर्व से ऊॅचा कर रहे है। वह शिक्षा के व्यापक प्रसार को देश की उन्न्ति की आधारशिला मानते थे। पूरे देश का भ्रमण कर चंदा जुटा कर उन्होनें 1918 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

मालवीय जी सत्य, ब्रहम्चर्य, एंव आत्मत्याग को अपने जिवन में उतारा। वे व्यवहार में सदैव मृदुभाषी रहे। पं श्याम बिहारी मिश्र कहा करते थे। हिन्दी की उन्नति में मालविय जी का बहुत बड़ा योगदान था। मालवीय जी हिन्दी अपनाने सरल हिन्दी प्रयोग करने एवं प्रचलित शब्दों को ग्रहण करने की सलाह देते थे। उन्होंने हिन्दी को संस्कृत भाषा की पुत्री कहा था। भारत सरकार ने उन्हे 24 दिसम्बर 2014 को भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था।

 

पढ़ें :- UP: आजम खान से मिलने सीतापुर जेल पहुंचे शिवपाल यादव, प्रदेश में बढ़ी सियासी हलचल
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...