जदयू की घर वापसी, नीतीश कुमार फिर बनेंगे सीएम

पटना। बिहार में आरजेडी, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन वाली सरकार के साथ—साथ महागठबंधन का भी बुधवार को अंत हो गया। जिस महागठबंधन के बल पर विपक्ष 2019 में एनडीए सरकार को चुनौती देने की उम्मीद पाले था वह महज 20 महीने में धड़ाम हो गया। सूचिता की राजनीति के दांव पर चित हुए गठबंधन से अलग हुई जदयू को बीजेपी ने लगे हाथों ही लपक लिया है। 17 सालों तक एनडीए का हिस्सा रही जदयू ने भी बिना मौका गंवाए बीजेपी के गले लग कर बिहार में दोबारा सरकार बनाने की योजना बना ली है।

खबर आ रही है कि बिहार बीजेपी के विधायकों की बैठक के बाद बीजेपी ने नीतीश कुमार के साथ सरकार बनाने का फैसला कर लिया है। सूत्रों की माने तो बीजेपी और जदयू के नेताओं ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मिलकर गठबंधन के साथ नई सरकार बनाने का दावा ठोंक दिया है।

सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार गुरुवार को एकबार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं। हालांकि एकाएक हुए इस फैसले के जदयू और बीजेपी पर सत्ता के हरण के आरोप लगने लगे हैं। सियासी विश्लेषकों का एक तबका ऐसा है जिसका मानना है कि 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अस्तित्व में आए महागठबंधन को बिहार की जनता ने बहुमत दिया था। वर्तमान परिस्थितियों को देखा जाए तो नीतीश का बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाना जनमत का अनादर करने जैसा होगा।