जेट एयरवेज में जारी है फाइनेंसियल क्राइसिस, 11 सौ पायलटों ने जहाज उड़ाने से किया इंकार

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जेट एयरवेज में जारी है फाइनेंसियल क्राइसिस, 11 सौ पायलटों ने जहाज उड़ाने से किया इंकार

नई दिल्ली। आर्थिक तंगी से जूझ रही जेट एयरवेज की दिक्क्तें दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। राष्ट्रीय संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड से जुड़े करीब 1,100 पायलटों सोमवार से विमान उड़ाने से इंकार कर दिया है। इन पायलटों ने वेतन भुगतान न होने के चलते ये फैसला लिया है।

Jet Airways Continues To Finance Financial Crises 1100 Pilots Refuse To Fly :

बताया जा रहा है कि पायलट के साथ-साथ इंजीनियर और वरिष्ठ प्रबंधकों को भी बीते तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। गिल्ड के एक सूत्र ने बताया, ”अब तक हमें करीब पिछले साढ़े तीन महीने का वेतन नहीं मिला है और ये भी नहीं पता है कि ये वेतन कब तक मिलेगा।

बता दें कि एनएजी कुल 1,600 पायलटों में से 1,100 पायलटों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है। इकाई ने मार्च के अंत में एक अप्रैल से जहाज नहीं उड़ाने का निर्णय किया था। हालाकि बाद में पायलटों ने इस 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों का एक समूह इन दिनों जेट एयरवेज के प्रबंधन का काम देख रहा है।

बता दें कि स्पाइस जेट ने कर्ज संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के इंजीनियरों और पायलटों को नौकरियां ऑफर की हैं। लेकिन इसके अंतर्गत कंपनी ने जेट के कर्मचारियों के सामने उनकी मौजूदा सैलरी से 30-50% कम सीटीसी पर नौकरी करने का प्रस्ताव रखा है। कुछ कर्मचारियों ने इसमें सहमति जताई है जबकि कुछ को उम्मीद है कि जेट का संकट दूर हो जाएगा।

नई दिल्ली। आर्थिक तंगी से जूझ रही जेट एयरवेज की दिक्क्तें दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। राष्ट्रीय संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड से जुड़े करीब 1,100 पायलटों सोमवार से विमान उड़ाने से इंकार कर दिया है। इन पायलटों ने वेतन भुगतान न होने के चलते ये फैसला लिया है।

बताया जा रहा है कि पायलट के साथ-साथ इंजीनियर और वरिष्ठ प्रबंधकों को भी बीते तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। गिल्ड के एक सूत्र ने बताया, ''अब तक हमें करीब पिछले साढ़े तीन महीने का वेतन नहीं मिला है और ये भी नहीं पता है कि ये वेतन कब तक मिलेगा।

बता दें कि एनएजी कुल 1,600 पायलटों में से 1,100 पायलटों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है। इकाई ने मार्च के अंत में एक अप्रैल से जहाज नहीं उड़ाने का निर्णय किया था। हालाकि बाद में पायलटों ने इस 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों का एक समूह इन दिनों जेट एयरवेज के प्रबंधन का काम देख रहा है।

बता दें कि स्पाइस जेट ने कर्ज संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के इंजीनियरों और पायलटों को नौकरियां ऑफर की हैं। लेकिन इसके अंतर्गत कंपनी ने जेट के कर्मचारियों के सामने उनकी मौजूदा सैलरी से 30-50% कम सीटीसी पर नौकरी करने का प्रस्ताव रखा है। कुछ कर्मचारियों ने इसमें सहमति जताई है जबकि कुछ को उम्मीद है कि जेट का संकट दूर हो जाएगा।