यूपी: अपनी पगार से गरीब बच्चों को पढ़ा रहे ये पुलिस वाले, रंग लाई सिपाही जितेंद्र की मुहिम

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Jhansi Police Constable Inspiration For Youths

झांसी। यूपी पुलिस के बारे में अच्छी बातें बहुत कम ही सुनने या देखने को मिलती हैं, ऐसा इसलिए क्योकि जब वे कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं तो उन पर किसी की नज़र नहीं पड़ती। खबरों में आपने भी कई बार देखा होगा जिसमें यूपी पुलिस की कमियाँ गिनाई जाती हैं। हालांकि बहुत कम देखने को मिला होगा जब पुलिस की कुछ अच्छा करते दिखाया गया होगा।

हम यूपी के झांसी पुलिस के मानवीयता का वह चेहरा दिखाने जा रहे हैं जिसे देख पुलिस को लेकर आपके भी मानसिकता में थोड़ा बदलाव आए। वैसे तो आपने अक्सर देखा होगा कि रात के अंधेरे में पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए निकलती है, लेकिन झांसी की पुलिस पिछले पांच साल से गरीबों की मदद करते आ रही हैं वो भी अपने सरकारी सेलरी से।
दरअसल, झांसी पुलिस के कुछ दरोगा और सिपाही अपनी पगार से कुछ पैसा मिलाकर गरीबों की मदद पिछले पांच साल से करते आ रहे हैं। पांच साल पहले उम्मीद रोशनी नाम की संस्था के साथ सिपाही जितेंद्र यादव ने लोगों की मदद करना शुरू किया था। बाद में इस संस्था में इंस्पेक्टर दीपक मिश्रा के आलावा 15 सिपाही भी जुड़े। ये हर माह अपनी पगार से कुछ पैसा एकत्र करते हैं और इस पैसे को गरीब परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में खर्च करते हैं।

बच्चों के साथ सिपाही जितेंद्र

इतना ही नहीं इन पुलिसकर्मियों ने अपने पैसों से झांसी में भीख मांग कर परिवार चला रहे ऐसे 35 बच्चों का दाखिला स्कूल में करा पढ़ा भी रहे हैं। इन बच्चों की स्कूल की फीस हर महीने ये पुलिसकर्मी भरते हैं। इसके आलावा ये पुलिसकर्मी बीमार लोगों का इलाज भी अपने पैसों से कराते हैं। पुलिस का यह मानवीय चेहरा देखकर लोग हैरत में हैं और उनकी तारीफ भी कर रहे हैं।

झांसी पुलिस के इस सरहनीय कदम की जितनी भी प्रसंशा की जाए वो कम हैं, वैसे भी यूपी के गांवों में आज भी लोग पुलिस का नाम सुन सहम जाते हैं। उन्हें कभी बताया ही नहीं जाता कि पुलिस भी आम इंसान हैं, उसके अंदर भी इंसानियत है। उन्हें भी अच्छाई और बुराई में फर्क पता है। खैर झांसी पुलिस की इस पहल ने जनता और पुलिस के बीच पनप रहे भय और अविश्वास की खाई कम करने का काम किया है।

सिपाही जितेंद्र को सम्मानित कर चुके हैं डीजीपी-

तत्कालीन पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद की ओर से सिपाही जितेंद्र को प्रशस्ति पत्र दिया जा चुका है। जितेंद्र को यह प्रशस्ति पत्र पुलिस की ड्यूटी के अलावा उनके द्वारा किए जा रहे अन्य सामाजिक कार्यों के लिए दिया गया।

झांसी। यूपी पुलिस के बारे में अच्छी बातें बहुत कम ही सुनने या देखने को मिलती हैं, ऐसा इसलिए क्योकि जब वे कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं तो उन पर किसी की नज़र नहीं पड़ती। खबरों में आपने भी कई बार देखा होगा जिसमें यूपी पुलिस की कमियाँ गिनाई जाती हैं। हालांकि बहुत कम देखने को मिला होगा जब पुलिस की कुछ अच्छा करते दिखाया गया होगा। हम यूपी के झांसी पुलिस के मानवीयता का वह चेहरा दिखाने…