झारखंड चुनाव परिणाम: राष्ट्रवादी मुद्दों पर BJP की राह नही आसान, लगातार खो चुके 5 राज्य

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झारखंड चुनाव परिणाम: राष्ट्रवादी मुद्दों पर BJP की राह नही आसान, लगातार खो चुके 5 राज्य

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम के अभी तक आये रुझानों को देखकर यही लग रहा है कि यहां भी बीजेपी का सत्ता से बाहर होना तय है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस एकबार फिर अपनी रणनीति में सफल होती नजर आ रही है। बीजेपी पहले ही राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र खो चुकी है, वहीं अब झारखंड भी उसके पास से जाता नजर आ रहा है। ऐसे में यह साफ होने लगा है कि राज्‍य की जनता राष्‍ट्रीय मुद्दों की जगह राज्‍य की स्‍थानीय समस्‍याओं को तरहीज दे रही है।

Jharkhand Election Result Bjps Path Not Easy On Nationalist Issues 5 States Have Lost Continuously :

बीजेपी जब 2014 में मोदी के चेहरे पर लोकसभा चुनाव लड़ी थी तो देश की जनता ने बीजेपी को पूर्णबहुमत दिया था और इसके बाद लगातार राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी मोदी लहर कायम रही और अधिकतर राज्यों में बीजेपी या बीजेपी गठबन्धन की सरकारें बन गयी थी। मोदी सरकार ने लगातार राष्ट्रवाद के मुद्दों पर काम किया और उसे सफलता मिलती रही लेकिन फिर ऐसा दौर आया जब स्थानीय समस्याओं को लेकर आवाजें उठना शुरू हो गयी। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर एकबार फिर चली और बीजेपी को 2014 से भी ज्यादा सीटें मिली। लेकिन इससे पहले बिजेपी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के राज्यों में करारी सिकस्त भी झेली थी। वहीं लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा मेें भी बीजेपी को काफी नुकसान हुआ। हालांकि हरियाणा में तो ​​बीजेपी ने जेजेपी के साथ सरकार बना ली लेकिन महाराष्ट्र की सत्ता बीेजेपी ने खो दी।

झारखंड चुनाव से पहले ही राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया था, वहीं इससे पूर्व जम्मू कश्मीर से 370 अनुच्छेद भी हट गया था। इन मुद्दो को लेकर बीजेपी इस बार झारखंड में अकेले चुनाव मैदान में उतरी और बीजेपी ने हर एक चुनावी रैली में इसका जिक्र भी किया। यही नही चुनाव के दौरान ही संसद में नागरिकता संशोधन बिल पारित हुआ तो बीजेपी ने इसका भी जिक्र चुनावी भाषणों मे किया। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की पार्टियां लगातार स्थानीय किसानो की समस्याएं, रोजगार की समस्याएं उठाती रही और शायद जनता ने स्थानीय समस्याओं पर ही अपना मतदान भी किया।

अभी तक आये रूझानो से यह साफ हो गया है कि यहां पर कांग्रेस, जेएमएम और राजद की गठबन्धन वाली सरकार बन रही है। झारखंड में गठबंधन को मिल रही जीत पर तेजस्‍वी यादव ने कहा कि राज्‍य की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्‍त है, बेरोजगारी बढ़ते जा रही है. इन सब कारणों से झारखंड की जनता ने हमारे गठबंधन को समर्थन दिया। राज्‍य में हमारी सरकार बनने जा रही है। हेमंत सोरेन के नेतृत्‍व में गठबंधन ने चुनाव लड़ा और वही मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं।

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम के अभी तक आये रुझानों को देखकर यही लग रहा है कि यहां भी बीजेपी का सत्ता से बाहर होना तय है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस एकबार फिर अपनी रणनीति में सफल होती नजर आ रही है। बीजेपी पहले ही राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र खो चुकी है, वहीं अब झारखंड भी उसके पास से जाता नजर आ रहा है। ऐसे में यह साफ होने लगा है कि राज्‍य की जनता राष्‍ट्रीय मुद्दों की जगह राज्‍य की स्‍थानीय समस्‍याओं को तरहीज दे रही है। बीजेपी जब 2014 में मोदी के चेहरे पर लोकसभा चुनाव लड़ी थी तो देश की जनता ने बीजेपी को पूर्णबहुमत दिया था और इसके बाद लगातार राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी मोदी लहर कायम रही और अधिकतर राज्यों में बीजेपी या बीजेपी गठबन्धन की सरकारें बन गयी थी। मोदी सरकार ने लगातार राष्ट्रवाद के मुद्दों पर काम किया और उसे सफलता मिलती रही लेकिन फिर ऐसा दौर आया जब स्थानीय समस्याओं को लेकर आवाजें उठना शुरू हो गयी। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर एकबार फिर चली और बीजेपी को 2014 से भी ज्यादा सीटें मिली। लेकिन इससे पहले बिजेपी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के राज्यों में करारी सिकस्त भी झेली थी। वहीं लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा मेें भी बीजेपी को काफी नुकसान हुआ। हालांकि हरियाणा में तो ​​बीजेपी ने जेजेपी के साथ सरकार बना ली लेकिन महाराष्ट्र की सत्ता बीेजेपी ने खो दी। झारखंड चुनाव से पहले ही राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया था, वहीं इससे पूर्व जम्मू कश्मीर से 370 अनुच्छेद भी हट गया था। इन मुद्दो को लेकर बीजेपी इस बार झारखंड में अकेले चुनाव मैदान में उतरी और बीजेपी ने हर एक चुनावी रैली में इसका जिक्र भी किया। यही नही चुनाव के दौरान ही संसद में नागरिकता संशोधन बिल पारित हुआ तो बीजेपी ने इसका भी जिक्र चुनावी भाषणों मे किया। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की पार्टियां लगातार स्थानीय किसानो की समस्याएं, रोजगार की समस्याएं उठाती रही और शायद जनता ने स्थानीय समस्याओं पर ही अपना मतदान भी किया। अभी तक आये रूझानो से यह साफ हो गया है कि यहां पर कांग्रेस, जेएमएम और राजद की गठबन्धन वाली सरकार बन रही है। झारखंड में गठबंधन को मिल रही जीत पर तेजस्‍वी यादव ने कहा कि राज्‍य की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्‍त है, बेरोजगारी बढ़ते जा रही है. इन सब कारणों से झारखंड की जनता ने हमारे गठबंधन को समर्थन दिया। राज्‍य में हमारी सरकार बनने जा रही है। हेमंत सोरेन के नेतृत्‍व में गठबंधन ने चुनाव लड़ा और वही मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं।