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झारखंड: भाजपा में शामिल होंगे पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी

Jharkhand Former Cm Babulal Marandi Will Join Bjp

By रवि तिवारी 
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नई दिल्ली। झारखंड विकास मोर्चा के नेता व पौड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि झाविमो भाजपा में विलय की ओर बढ़ रहा है।प्रदीप यादव रविवार को अपने समर्थकों के साथ दिउड़ी मंदिर में मां अष्टभुजी की पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे थे। प्रदीप यादव के इस बयान के बाद अब झाविमो के भाजपा में विलय की एक तरह से पुष्टि हो गई है।

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त हो कि झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की भाजपा में वापसी लगभग तय है, लेकिन वह अकेले भाजपा में जाएंगे या अपनी पूरी पार्टी (झाविमो) का विलय करेंगे, इस पर से पर्दा नहीं उठ सका है। प्रदीप के ताजा बयान से कम से कम इतना साफ है कि वह बाबूलाल के निर्णय के साथ हैैं। अबतक बाबूलाल समेत प्रदीप यादव और बंधु तिर्की तीनों इस मुद्दे पर साफ-साफ कुछ बोलने से बचते रहे हैैं। 2006 में बीजेपी से अलग होकर बाबूलाल मरांडी ने झारखंड विकास मोर्चा को निर्माण किया था, लेकिन अब उन्होंने ‘घर वापसी’ के संकेत दिए हैं। विधानसभा चुनाव में जेवीएम का प्रदर्शन बेहद औसत रहा और उसके सिर्फ तीन विधायक ही जीत दर्ज करने में कामयाब हो पाए थे।  

26 एसटी सीटें हारी भाजपा को चाहिए स्ट्रॉन्ग आदिवासी फेस

राज्य के 28 एसटी सीटों में 26 हार चुकी भाजपा को राज्य में एक मजबूत आदिवासी नेता की तलाश है, वहीं सभी 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद झाविमो के कुल तीन विधायक ही चुने गए। ऐसे में भाजपा और बाबूलाल मरांडी दोनों ही एक-दूसरे में अपना भविष्य देखने लगे हैं। इसी संभावनाओं की तलाश में जुटे भाजपा के दिग्गज नेताओं और बाबूलाल मरांडी के बीच अंतिम चरण की बात चल रही है। भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को झाविमो के विलय प्रस्ताव देते हुए उनसे उनकी राय पूछी थी कि पार्टी में शामिल होने के बाद वे किस पद पर रहना चाहेंगे।

भाजपा अध्यक्ष व विधायक दल का नेता पद होल्ड पर

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भाजपा ने अभी अपने विधायक दल के नेता पद को होल्ड पर रखा है। लक्ष्मण गिलुवा के त्यागपत्र देने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का पद भी रिक्त है। अप्रैल में राज्यसभा के चुनाव में भाजपा अपने किसी मजबूत नेता को यहां से भेजना चाहेगी। इन तीनों महत्वपूर्ण पदों के सामने होने के बावजूद बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि वे न तो अपने लिए और न ही पार्टी के अन्य नेताओं के लिए किसी पद की इच्छा रखते हैं।

मरांडी नहीं चाहते, पद के लिए छवि पर लगे आरोप  

बाबूलाल मरांडी अपनी छवि को लेकर बेहद संजीदा हैं। मरांडी नहीं चाहते कि कोई उन पर अंगुली उठाते हुए कहे कि पद के लोभ में वे भाजपा शामिल हो रहे हैं। उन्हें यह भी मालूम है कि 14 वर्ष के बाद भाजपा में आने के बाद विधायक दल के नेता पद या प्रदेश अध्यक्ष पद लेने पर कई वरीय नेता असहज महसूस करेंगे, जिससे काम करने में कठिनाई होगी।

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