राम जन्मभूमि में मिले अवशेषों पर जिलानी ने उठाए सवाल, संतो का पलटवार

Ram Janmabhoomi
राम जन्मभूमि में मिले अवशेषों पर जिलानी ने उठाए सवाल, संतो का पलटवार

अयोध्या। राम जन्मभूमि पर जमीन के समतलीकरण के दौरान मंदिर के अवशेष मिलने का दावा किया गया है. इस दावे पर बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने सवाल उठाए थे. जिला के सवाल पर अयोध्या के संतों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संतों ने कहा है कि जफरयाब जिलानी का मानसिक संतुलन खराब है, उन्हें इलाज की आवश्यकता है. संतों ने कहा कि कमल गोलक देवी-देवताओं की मूर्तियां, धनुष चक्र और शिवलिंग क्या मस्जिद में होते हैं. अगर नहीं तो फिर जफरयाब जिलानी को है मानसिक इलाज की जरूरत है.

Jilani Raised Questions On The Remains Found In Ram Janmabhoomi Counterattack Of Saints :

जफरयाब जिलानी ने अवशेषों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नया कुछ नहीं मिला है, सब पुरानी बाते हैं. इनके बयान पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि वहां जो कुछ भी मिल रहा है, उसका सम्मान होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस पर राजनीति बंद कर देनी चाहिए.

राम जन्म भूमि के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि पूर्व में भी खुदाई हुई थी और खुदाई में मंदिर के साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था. अब दोबारा फिर राम मंदिर से जुड़े हुए ही साक्ष्य मिल रहे हैं और जो सनातन धर्म से जुड़े हैं, जिसमें कमल दल शंख, चक्र और धनुष आकार के आकृतियां साथ ही भगवान की मूर्तियां और शिवलिंग यह सब इस बात की तरफ इशारा कर रहे हैं कि वहां पर मंदिर था और इसी को देखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला दिया था और अब वहां पर जो साक्ष्य मिल रहे हैं वह मंदिर के पक्ष मैं हैं. ऐसे में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी के द्वारा दिया गया बयान सर्वथा गलत है.

अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जफरयाब जिलानी का मानसिक संतुलन खराब है, उन्हें इलाज की जरूरत है. जो साक्ष्य मिल रहा है वह सनातन धर्म की पहचान है. कमल का गोला शिवलिंग खंडित मूर्तियां मिले हुए पत्थरों पर उतरी हुई सनातन धर्म की आकृतियां इस बात की तरफ इशारा कर रही हैं कि यह वही राम जन्म भूमि है, जहां विक्रमादित्य निर्माण कराया था संभव था जहां रामलला विराजमान हैं. अभी वहां और भी साक्ष्य मिलेंगे. ऐसे में जफरयाब जिलानी जिस तरीके का बयान दे रहे हैं और सर्वथा गलत है.

अयोध्या। राम जन्मभूमि पर जमीन के समतलीकरण के दौरान मंदिर के अवशेष मिलने का दावा किया गया है. इस दावे पर बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने सवाल उठाए थे. जिला के सवाल पर अयोध्या के संतों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संतों ने कहा है कि जफरयाब जिलानी का मानसिक संतुलन खराब है, उन्हें इलाज की आवश्यकता है. संतों ने कहा कि कमल गोलक देवी-देवताओं की मूर्तियां, धनुष चक्र और शिवलिंग क्या मस्जिद में होते हैं. अगर नहीं तो फिर जफरयाब जिलानी को है मानसिक इलाज की जरूरत है. जफरयाब जिलानी ने अवशेषों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नया कुछ नहीं मिला है, सब पुरानी बाते हैं. इनके बयान पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि वहां जो कुछ भी मिल रहा है, उसका सम्मान होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस पर राजनीति बंद कर देनी चाहिए. राम जन्म भूमि के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि पूर्व में भी खुदाई हुई थी और खुदाई में मंदिर के साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था. अब दोबारा फिर राम मंदिर से जुड़े हुए ही साक्ष्य मिल रहे हैं और जो सनातन धर्म से जुड़े हैं, जिसमें कमल दल शंख, चक्र और धनुष आकार के आकृतियां साथ ही भगवान की मूर्तियां और शिवलिंग यह सब इस बात की तरफ इशारा कर रहे हैं कि वहां पर मंदिर था और इसी को देखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला दिया था और अब वहां पर जो साक्ष्य मिल रहे हैं वह मंदिर के पक्ष मैं हैं. ऐसे में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी के द्वारा दिया गया बयान सर्वथा गलत है. अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जफरयाब जिलानी का मानसिक संतुलन खराब है, उन्हें इलाज की जरूरत है. जो साक्ष्य मिल रहा है वह सनातन धर्म की पहचान है. कमल का गोला शिवलिंग खंडित मूर्तियां मिले हुए पत्थरों पर उतरी हुई सनातन धर्म की आकृतियां इस बात की तरफ इशारा कर रही हैं कि यह वही राम जन्म भूमि है, जहां विक्रमादित्य निर्माण कराया था संभव था जहां रामलला विराजमान हैं. अभी वहां और भी साक्ष्य मिलेंगे. ऐसे में जफरयाब जिलानी जिस तरीके का बयान दे रहे हैं और सर्वथा गलत है.