जितिया व्रत 2019: इस शुभ मुहूर्त में करें जितिया व्रत की पूजा

जितिया व्रत 2019: इस शुभ मुहूर्त में करें जितिया व्रत की पूजा
जितिया व्रत 2019: इस शुभ मुहूर्त में करें जितिया व्रत की पूजा

लखनऊ। हिन्दूं धर्म में आस्था रखने वाली महिलाओं के लिए जितिया (Jitiya) व्रत विशेष महत्व रखता है। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए महिलाएं रखती हैं। अपने बच्चों की लंबी उम्र और उसकी रक्षा के लिए महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। खास बात यह है कि यह व्रत पूरे तीन दिन तक चलता है। व्रत के दूसरे दिन व्रत रखने वाली महिला पूरे दिन और पूरी रात जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं करती है। मुख्यतौर पर यह व्रत उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रचलित है। पड़ोसी देश नेपाल में भी महिलाएं बढ़-चढ़ कर इस व्रत को करती हैं। जितिया (Jitiya) व्रत को जीवित्पु/त्रिका भी कहा जाता है। इस शुभ मुहूर्त में करें जितिया व्रत की पूजा…

Jitiya Vrat 2019subh Muhurat For Puja :

इस साल जितिया का 22 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन वैसी महिलाएं जिनकी संतान है वो निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत के एक दिन पहले नहाय खाय होता है यानी इस दिन महिलाएं नहाकर खाती हैं। अगले दिन निर्जला व्रत रखा जाता है। इस साल जितिया का शुभ मुहूर्त 21 सितंबर की सुबह से 22 सितंबर की 7:50 शाम तक है। व्रती महिलाएं इस दौरान पूजा कर सकती हैं। अगला दिन पारण का होता है।

जितिया के व्रत से जुड़ी परंपराएं

मरुआ के आटे की रोटी – नहाय खाय के दिन गेहूं की बजाय मरुआ के आटे की रोटी खाई जाती है।
नोनी का साग- इस व्रत में नोनी का साग खाने की परंपरा है।
झिंगनी- झिंगनी की चटनी या सब्जी बनाकर खानी चाहिए।
मछली- बिहार के मिथिलांचल में व्रत के एकदिन पूर्व यानी नहाय खाय को मछली खाने की परंपरा है।

लखनऊ। हिन्दूं धर्म में आस्था रखने वाली महिलाओं के लिए जितिया (Jitiya) व्रत विशेष महत्व रखता है। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए महिलाएं रखती हैं। अपने बच्चों की लंबी उम्र और उसकी रक्षा के लिए महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। खास बात यह है कि यह व्रत पूरे तीन दिन तक चलता है। व्रत के दूसरे दिन व्रत रखने वाली महिला पूरे दिन और पूरी रात जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं करती है। मुख्यतौर पर यह व्रत उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रचलित है। पड़ोसी देश नेपाल में भी महिलाएं बढ़-चढ़ कर इस व्रत को करती हैं। जितिया (Jitiya) व्रत को जीवित्पु/त्रिका भी कहा जाता है। इस शुभ मुहूर्त में करें जितिया व्रत की पूजा... इस साल जितिया का 22 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन वैसी महिलाएं जिनकी संतान है वो निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत के एक दिन पहले नहाय खाय होता है यानी इस दिन महिलाएं नहाकर खाती हैं। अगले दिन निर्जला व्रत रखा जाता है। इस साल जितिया का शुभ मुहूर्त 21 सितंबर की सुबह से 22 सितंबर की 7:50 शाम तक है। व्रती महिलाएं इस दौरान पूजा कर सकती हैं। अगला दिन पारण का होता है। जितिया के व्रत से जुड़ी परंपराएं मरुआ के आटे की रोटी - नहाय खाय के दिन गेहूं की बजाय मरुआ के आटे की रोटी खाई जाती है। नोनी का साग- इस व्रत में नोनी का साग खाने की परंपरा है। झिंगनी- झिंगनी की चटनी या सब्जी बनाकर खानी चाहिए। मछली- बिहार के मिथिलांचल में व्रत के एकदिन पूर्व यानी नहाय खाय को मछली खाने की परंपरा है।