JJP का रुख तय करेगा, हरियाणा में कौन करेगा राज

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जेजेेपी का रुख तय करेगा, हरियाणा में कौन करेगा राज

नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा चुनाव की गुरुवार को हो रही मतगणना के शुरुआती रुझान में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बहुमत से दूर लग रहे हैं। रुझानों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। वहीं जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) किंगमेकर बन कर उभर रही है।

Jjps Stand Will Decide Who Will Rule In Haryana :

सुबह 11 बजे तक के रुझानों के अनुसार 90 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी 41 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में उसने 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस 30 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में उसने 15 सीटों पर जीत हासिल की थी। जेजेपी 12 सीटों पर आगे चल रही है। अगर हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस में कोई भी अगर 46 के बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाता है तो उसे सरकार बनाने के लिए जेजेपी का सहारा लेना पड़ेगा। ऐसे में जेजेपी हरियाणा में किंगमेकर साबित हो सकती है। अभी ये रुझान है इसलिए पूरे नतीजे आने पर असल तस्वीर साफ हो सकेगी।

हरियाणा विधानसभा के चुनाव मैदान में उतरे कई दिग्गजों समेत 1169 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होना है। मतगणना के लिये राज्य में 59 स्थानों पर 91 मतगणना केंद्र बनाए गये हैं। चुनाव परिणाम दोपहर 12 बजे तक आने शुरू हो जाएंगे। राज्य के कुल 1,83,90,525 मतदाताओं में से 68.31 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत इवीएम में लॉक कर दी थी।

इस चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। ये दोनों दल सभी 90-90 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वर्ष 2014 के चुनावों में 19 सीटें जीत कर दूसरे नम्बर पर रही इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) इस बार चुनावों तक पहुंचते दोफाड़ हो गई इसमें से जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) का जन्म हुआ। इनेलो और जजपा कुछ सीटों पर मुकाबले को अवश्य ही त्रिकोणीय बना सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी (आप), स्वराज इंडिया, लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) ने भी कुछ-कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं।

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा 47, इनेलो 19, कांग्रेस 15, शिरोमणि अकाली दल और बसपा एक-एक, हरियाणा जनहित कांग्रेस दो तथा पांच सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे थे। हजकां का बाद में कांग्रेस में विलय हो गया था। वहीं पांच साल का कार्यकाल समाप्त होते होते इनेलो भी बिखर गई। इसके कुछ विधायक और नेता भाजपा, कांग्रेस और जजपा में चले गये।

नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा चुनाव की गुरुवार को हो रही मतगणना के शुरुआती रुझान में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बहुमत से दूर लग रहे हैं। रुझानों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। वहीं जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) किंगमेकर बन कर उभर रही है। सुबह 11 बजे तक के रुझानों के अनुसार 90 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी 41 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में उसने 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस 30 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में उसने 15 सीटों पर जीत हासिल की थी। जेजेपी 12 सीटों पर आगे चल रही है। अगर हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस में कोई भी अगर 46 के बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाता है तो उसे सरकार बनाने के लिए जेजेपी का सहारा लेना पड़ेगा। ऐसे में जेजेपी हरियाणा में किंगमेकर साबित हो सकती है। अभी ये रुझान है इसलिए पूरे नतीजे आने पर असल तस्वीर साफ हो सकेगी। हरियाणा विधानसभा के चुनाव मैदान में उतरे कई दिग्गजों समेत 1169 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होना है। मतगणना के लिये राज्य में 59 स्थानों पर 91 मतगणना केंद्र बनाए गये हैं। चुनाव परिणाम दोपहर 12 बजे तक आने शुरू हो जाएंगे। राज्य के कुल 1,83,90,525 मतदाताओं में से 68.31 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत इवीएम में लॉक कर दी थी। इस चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। ये दोनों दल सभी 90-90 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वर्ष 2014 के चुनावों में 19 सीटें जीत कर दूसरे नम्बर पर रही इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) इस बार चुनावों तक पहुंचते दोफाड़ हो गई इसमें से जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) का जन्म हुआ। इनेलो और जजपा कुछ सीटों पर मुकाबले को अवश्य ही त्रिकोणीय बना सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी (आप), स्वराज इंडिया, लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) ने भी कुछ-कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा 47, इनेलो 19, कांग्रेस 15, शिरोमणि अकाली दल और बसपा एक-एक, हरियाणा जनहित कांग्रेस दो तथा पांच सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे थे। हजकां का बाद में कांग्रेस में विलय हो गया था। वहीं पांच साल का कार्यकाल समाप्त होते होते इनेलो भी बिखर गई। इसके कुछ विधायक और नेता भाजपा, कांग्रेस और जजपा में चले गये।