जल्द रिहा हो सकते है जम्मू कश्मीर के नजरबंद नेता, अब हालात हैं सामान्य

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जल्द रिहा हो सकते है जम्मू कश्मीर के नजरबंद नेता, अब हालात हैं सामान्य

नई ​दिल्ली। जम्मू कश्मीर से जब आर्टिकल 370 हटाने का संसद में विधेयक पेश किया गया था तभी से जम्मू कश्मीर के काफी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। हालां​कि इसको लेकर विपक्ष ने काफी सवाल उठाये थे लेकिन केन्द्र सरकार ने सुरक्षा का हवाला देने की बात कहते हुए मामले को टाल दिया था। अब जम्मू कश्मीर के हालात सामान्य है ​इसलिए जल्द ही इन नजरबंद नेताओं को रिहा किया जा सकता है।

Jk Detained Leader May Be Released Soon Circumstances Are Normal Now :

सूत्रों द्वारा मिली जानकारी से पता चला है कि गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को संसद की एक समिति को जानकारी दी है कि जम्मू कश्मीर के हालात अब सामान्य है, इसलिए नजरबंद किये गये पूर्व मुख्यमंत्रियों व हिरासत में लिए गये अन्य नेताओं को रिहा किया जायेगा। बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हालात से समिति को अवगत कराया है।

आपको बता दें कि तीन बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे फारूख अब्दुल्ला को नजरबंद करने को लेकर कांग्रेस की तरफ से कई सवाल उठाये गये थे यही नही पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लेने के लिए भी काफी बवाल हुए, महबूबा की बेटी ने भी मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। बताया जा रहा है कि नेताओं की रिहाई से पहले घाटी के हालातों पर इनपुट मांगा गया है। अब्दुल्ला एकमात्र नेता हैं जिन्हें कश्मीर में पीएसए कानून के तहत हिरासत में रखा गया है। रिहा होने के बाद वे इसे अधिकृत न्यायाधिकरण में चुनौती दे सकते हैं और उसके आदेश से अंसतुष्ट होने पर उच्च न्यायालय का रुख भी कर सकते हैं।

नई ​दिल्ली। जम्मू कश्मीर से जब आर्टिकल 370 हटाने का संसद में विधेयक पेश किया गया था तभी से जम्मू कश्मीर के काफी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। हालां​कि इसको लेकर विपक्ष ने काफी सवाल उठाये थे लेकिन केन्द्र सरकार ने सुरक्षा का हवाला देने की बात कहते हुए मामले को टाल दिया था। अब जम्मू कश्मीर के हालात सामान्य है ​इसलिए जल्द ही इन नजरबंद नेताओं को रिहा किया जा सकता है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी से पता चला है कि गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को संसद की एक समिति को जानकारी दी है कि जम्मू कश्मीर के हालात अब सामान्य है, इसलिए नजरबंद किये गये पूर्व मुख्यमंत्रियों व हिरासत में लिए गये अन्य नेताओं को रिहा किया जायेगा। बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हालात से समिति को अवगत कराया है। आपको बता दें कि तीन बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे फारूख अब्दुल्ला को नजरबंद करने को लेकर कांग्रेस की तरफ से कई सवाल उठाये गये थे यही नही पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लेने के लिए भी काफी बवाल हुए, महबूबा की बेटी ने भी मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। बताया जा रहा है कि नेताओं की रिहाई से पहले घाटी के हालातों पर इनपुट मांगा गया है। अब्दुल्ला एकमात्र नेता हैं जिन्हें कश्मीर में पीएसए कानून के तहत हिरासत में रखा गया है। रिहा होने के बाद वे इसे अधिकृत न्यायाधिकरण में चुनौती दे सकते हैं और उसके आदेश से अंसतुष्ट होने पर उच्च न्यायालय का रुख भी कर सकते हैं।