सुनियोजित साजिश के तहत जेएनयू में लगे थे देश विरोधी नारे, चार्जशीट से हुआ खुलासा

jnu casr 2016
सुनियोजित साजिश के तहत जेएनयू में लगे थे देश विरोधी नारे, चार्जशीट से हुआ खुलासा

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू ​यूनिवर्सिटी में 9 फरवरी 2016 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए देश विरोधी नारे सुनियोजित साजिश के तहत हुआ था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा कोर्ट में दायर करीब 1200 पेजों की चार्जशीट में 90 गवाह बनाए गए हैं। इनमें तीस लोग ऐसे हैं जो देश के खिलाफ लगाए नारों के वक्त वहीं मौजूद थे। इनमें विश्वविद्यालय का स्टाफ और सुरक्षाकर्मी हैं। कोर्ट मे दाखिल की गई चार्जशीट में कहा गया कि वो घटना एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी।

Jnu Case Was The Result Of Fullproof Planning According To Chargesheet Submitted By Police :

दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई के सूत्रों की मानें तो सैयद उमर खालिद के खिलाफ राजद्रोह के साथ-साथ आईपीसी की दो धाराएं अधिक लगाई गई हैं। इसका अहम कारण यह है कि खालिद ने ही कुछ स्टूडेंट्स और लोगों के नाम पर उनके फर्जी साइन किए थे। वहीं जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अर्निबान भट्टाचार्य समेत नौ के खिलाफ भी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

बताया जाता है कि कागजों में छेड़छाड़ करने के आरोप में खालिद पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रेकॉर्ड में छेड़छाड़ करते हुए जालसाजी का भी आरोपी बनाया गया है। इसलिए इन पर यह दो धाराएं अधिक लगाई गई हैं। बाकी नौ पर राजद्रोह, मारमीट, गैरकानूनी मजमे में शामिल होना, दंगा-फसाद- बलवा करना और आपराधिक साजिश रचने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। इनमें कन्हैया, अर्निबान, अकीब हुसैन, बशरत अली, मुजीब हुसैन गट्टू, उमेर गुल, मुनीब हुसैन गटटू, रईस रसूल और खालिद बशीर भट शामिल हैं।

स्पेशल सेल सूत्रों कहना है कि पुलिस के पास इस घटना की करीब 15 से 20 विडियो क्लिप और फोटो हैं। जिनसे कई आरोपियों की सीधे तौर पर पहचान की गई है। सेल का कहना है कि चार्जशीट में जिन 10 युवकों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी हैं, जिन्हें फोरेंसिक लैब में भी भेजकर उनकी रिपोर्ट मंगा ली गई है।

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू ​यूनिवर्सिटी में 9 फरवरी 2016 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए देश विरोधी नारे सुनियोजित साजिश के तहत हुआ था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा कोर्ट में दायर करीब 1200 पेजों की चार्जशीट में 90 गवाह बनाए गए हैं। इनमें तीस लोग ऐसे हैं जो देश के खिलाफ लगाए नारों के वक्त वहीं मौजूद थे। इनमें विश्वविद्यालय का स्टाफ और सुरक्षाकर्मी हैं। कोर्ट मे दाखिल की गई चार्जशीट में कहा गया कि वो घटना एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई के सूत्रों की मानें तो सैयद उमर खालिद के खिलाफ राजद्रोह के साथ-साथ आईपीसी की दो धाराएं अधिक लगाई गई हैं। इसका अहम कारण यह है कि खालिद ने ही कुछ स्टूडेंट्स और लोगों के नाम पर उनके फर्जी साइन किए थे। वहीं जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अर्निबान भट्टाचार्य समेत नौ के खिलाफ भी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। बताया जाता है कि कागजों में छेड़छाड़ करने के आरोप में खालिद पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रेकॉर्ड में छेड़छाड़ करते हुए जालसाजी का भी आरोपी बनाया गया है। इसलिए इन पर यह दो धाराएं अधिक लगाई गई हैं। बाकी नौ पर राजद्रोह, मारमीट, गैरकानूनी मजमे में शामिल होना, दंगा-फसाद- बलवा करना और आपराधिक साजिश रचने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। इनमें कन्हैया, अर्निबान, अकीब हुसैन, बशरत अली, मुजीब हुसैन गट्टू, उमेर गुल, मुनीब हुसैन गटटू, रईस रसूल और खालिद बशीर भट शामिल हैं। स्पेशल सेल सूत्रों कहना है कि पुलिस के पास इस घटना की करीब 15 से 20 विडियो क्लिप और फोटो हैं। जिनसे कई आरोपियों की सीधे तौर पर पहचान की गई है। सेल का कहना है कि चार्जशीट में जिन 10 युवकों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी हैं, जिन्हें फोरेंसिक लैब में भी भेजकर उनकी रिपोर्ट मंगा ली गई है।