JNU देशद्रोह केस में कोर्ट सख्त, कहा- दिल्ली सरकार जल्द पेश करे फाइल

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JNU देशद्रोह केस में कोर्ट सख्त, कहा- दिल्ली सरकार जल्द पेश करे फाइल

नई दिल्ली। जेएनयू (JNU) में देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की ओर से राजद्रोह को लेकर दाखिल आरोप पत्र पर कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) पर मुकदमा चलेगा कि नहीं इसपर से अभी पर्दा नहीं उठा है। लेकिन पुलिस ने चार्जशीट (JNU Chargesheet) दाखिल करने से पहले दिल्ली सरकार (Delhi Govt) से मंजूरी नहीं ली थी। देशद्रोह के मामले में चार्जशीट पर कोर्ट राज्य सरकार की मंजूरी के बिना सुनवाई नहीं कर सकती।

Jnu Treason Case Delhi Government Has Not Given The Permission To Charge Sheet Till Now :

सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पूछा कि चार्जशीट पर सरकार की अनुमति मिलने वाली फाइल कहां है तो पुलिस ने बताया कि वह सरकार के पास है। तब अदालत ने पूछा कि किस सरकार के पास है इस पर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि फाइल जल्द पेश करें। सरकार ऐसे थोड़े ही फाइल दबा कर बैठ सकती है।इस पर दिल्ली पुलिस ने आश्वस्त किया कि जल्द ही सरकार की अनुमति मिल जाएगी, जिसके बाद फाइल कोर्ट में पेश की जाएगी।

बता दें कि जेएनयू में 9 फरवरी 2016 को भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमीत आनंद की कोर्ट में 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर दी. इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान के अलावा सात कश्मीरियों को भी देशद्रोह का आरोपी बनाया गया है। इन सभी कश्मीरी छात्रों से भी पूछताछ की जा चुकी है।

लेकिन इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है। इनके खिलाफ चार्जशीट में 124A (देशद्रोह), 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120B जैसी धाराएं लगाई गई हैं। स्पेशल सेल ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अभियोजन से भी बातचीत की है। मामले में ABVP के कार्यकर्ताओं और जेएनयू के सुरक्षाकर्मियों को गवाह बनाया गया है।

नई दिल्ली। जेएनयू (JNU) में देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की ओर से राजद्रोह को लेकर दाखिल आरोप पत्र पर कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) पर मुकदमा चलेगा कि नहीं इसपर से अभी पर्दा नहीं उठा है। लेकिन पुलिस ने चार्जशीट (JNU Chargesheet) दाखिल करने से पहले दिल्ली सरकार (Delhi Govt) से मंजूरी नहीं ली थी। देशद्रोह के मामले में चार्जशीट पर कोर्ट राज्य सरकार की मंजूरी के बिना सुनवाई नहीं कर सकती। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पूछा कि चार्जशीट पर सरकार की अनुमति मिलने वाली फाइल कहां है तो पुलिस ने बताया कि वह सरकार के पास है। तब अदालत ने पूछा कि किस सरकार के पास है इस पर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि फाइल जल्द पेश करें। सरकार ऐसे थोड़े ही फाइल दबा कर बैठ सकती है।इस पर दिल्ली पुलिस ने आश्वस्त किया कि जल्द ही सरकार की अनुमति मिल जाएगी, जिसके बाद फाइल कोर्ट में पेश की जाएगी। बता दें कि जेएनयू में 9 फरवरी 2016 को भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमीत आनंद की कोर्ट में 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर दी. इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान के अलावा सात कश्मीरियों को भी देशद्रोह का आरोपी बनाया गया है। इन सभी कश्मीरी छात्रों से भी पूछताछ की जा चुकी है। लेकिन इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है। इनके खिलाफ चार्जशीट में 124A (देशद्रोह), 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120B जैसी धाराएं लगाई गई हैं। स्पेशल सेल ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अभियोजन से भी बातचीत की है। मामले में ABVP के कार्यकर्ताओं और जेएनयू के सुरक्षाकर्मियों को गवाह बनाया गया है।