केजरीवाल सरकार की मंजूरी के बिना भी कन्हैया मामले में कोर्ट करेगा सुनवाई

kanhiya
केजरीवाल सरकार की मंजूरी के बिना भी कन्हैया मामले में कोर्ट करेगा सुनवाई

नई दिल्ली। जेएनयू (JNU) देशद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर मामले में आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार को मंगलवार तक अनुमति देनी थी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को 28 फरवरी को अनुमति लेकर आने को कहा था। लेकिन अनुमति ना मिलने पर भी कोर्ट ने कहा है कि हम सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले से जुड़ी वीडियो फुटेज देखना चाहता है।

Jnu Treason Case Delhi Government Not Granted Permission Hearing On Thursday :

जांच अधिकारी ने मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत से कहा कि दिल्ली सरकार ने पुलिस को अबतक जरूरी मंजूरी नहीं दी है और न ही उसने कोई जवाब दिया है। अदालत ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 11 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की बरसी पर 9 फरवरी, 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से भारत विरोधी नारेबाजी करने को लेकर कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और अन्य के खिलाफ जनवरी में राजद्रोह के आरोप लगाए थे।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मंजूरी रद्द किए जाने के बावजूद किया गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायत पर जेएनयू प्रशासन ने इस कार्यक्रम की मंजूरी रद्द कर दी थी। एबीवीपी ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रविरोधी बताया था।

नई दिल्ली। जेएनयू (JNU) देशद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर मामले में आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार को मंगलवार तक अनुमति देनी थी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को 28 फरवरी को अनुमति लेकर आने को कहा था। लेकिन अनुमति ना मिलने पर भी कोर्ट ने कहा है कि हम सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले से जुड़ी वीडियो फुटेज देखना चाहता है। जांच अधिकारी ने मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत से कहा कि दिल्ली सरकार ने पुलिस को अबतक जरूरी मंजूरी नहीं दी है और न ही उसने कोई जवाब दिया है। अदालत ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 11 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की बरसी पर 9 फरवरी, 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से भारत विरोधी नारेबाजी करने को लेकर कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और अन्य के खिलाफ जनवरी में राजद्रोह के आरोप लगाए थे। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मंजूरी रद्द किए जाने के बावजूद किया गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायत पर जेएनयू प्रशासन ने इस कार्यक्रम की मंजूरी रद्द कर दी थी। एबीवीपी ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रविरोधी बताया था।