उड्डयन मंत्री का पीए बन युवक से ठगे 7 लाख रुपये, जानिए कैसे

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लखनऊ। उड्डयन मंत्री का पीए बताकर एक युवक को एयर इण्डिया में सुपारवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाज ने सात लाख रुपये की रकम हड़प ली। आरोपी ने युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र और एयर इण्डिया की ड्रेस थमा दी। समय बीतने के बाद भी जब युवक को नौकरी नहीं मिला तो उसने अपने रुपये मांगे। इस पर आरोपी ने रुपये वापस करने से इनकार कर दिया और पीडि़त को धमकी दी। अब पीडि़त ने इस संबंध में आलमबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी है।

Job Fraud With Guy In Air India :

आलमबाग के ओमनगर इलाके में शुभेन्द्र नाथ त्रिपाठी अपने परिवार संग रहता है। उसका कहना है कि कुछ समय पहले उसकी मां अर्चाना त्रिपाठी एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरदोई के शाहबाद अपने मायके गयी थीं। वही पर उनकी मुलाकात एटा निवासी आकाश दीक्षित नाम के युवक से हुई।

आकाश ने खुद को उड्डयन मंत्री का पीए बताया और अर्चाना के बेटे शुभेन्द्र को एयर इण्डिया में नौकरी दिलाने की बात कही। बातचीत के बाद आकाश शुभेन्द्र के घर आया। उसने शुभेन्द्र को नौकरी दिलाने के एवज में सात लाख रुपये की मांग की और नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। आकाश की बातों में आकर शुभेन्द्र ने धीरे-धीरे आकाश को रुपये देने शुरू किये।

कुछ ही दिन के अंदर शुभेन्द्र ने आकाश को पूरे सात लाख रुपये दे दिये। रुपये लेने के बाद आकाश शांत बैठ गया। समय गुजरने पर शुभेन्द्र ने जब आकाश से नौकरी की बात की तो वह टालमटोल करने लगा। शुभेन्द्र ने दबाव बनाया तो आकाश ने सुशील सिंह चौहान नाम के एक व्यक्ति से मुलकात करायी और बताया कि सुशील ही पूरा काम कर रहा है। इसके बाद उन लोगों ने शुभेन्द्र को दिल्ली ट्रेनिंग के लिए बुलाया।

शुभेन्द्र जब दिल्ली पहुंचा तो आकाश ने उसको नौकरी से संबंधित फर्जी नियुक्ति पत्र, एयर इण्डिया की ड्रेस और आईडी कार्ड थमा दिया। ट्रेनिंग के नाम पर आकाश ने शुभेन्द्र को कुछ दिन एक फ्लैट पर ठहराया और मेडिकल प्रमाण पत्र के नाम पर शुभेन्द्र से 15 हजार रुपये और ले लिये। कुछ दिन दिल्ली ठहरने के बाद शुभेन्द्र वापस अपने घर लौट आया। शुभेन्द्र का कहना है कि देखते-देखते वक्त गुजरता चला गया और आकाश ने नौकरी नहीं दिलायी।

इस पर जब शुभेन्द्र से बातचीत की गयी तो उसने बताया कि काम फंस गया और रुपये भी। इस पर शुभेन्द्र के घरवालों ने आकाश के पिता से बातचीत की तो उन्होंने रुपये की लेनदेन से किनारा कर लिया, जबकि शुरुआत ने आकाश के पिता शिव प्रकाश दीक्षित ने बताया कि था कि उनका बेटा आकाश शुभेन्द्र को नौकरी दिला देगा।

वहीं जब शुभेन्द्र के परिवार वालों ने आकाश से सम्पर्क किया तो उसने रुपये देने से साफ इनकार करते हुए उन लोगों को धमकी दी। एयर इण्डिया में नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए शुभेन्द्र ने अब इस मामले में जालसाज आकाश, उसके पिता शिव प्रकाश और साथी सुशील सिंह चौहान के खिलाफ आलमबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी है।

लखनऊ। उड्डयन मंत्री का पीए बताकर एक युवक को एयर इण्डिया में सुपारवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाज ने सात लाख रुपये की रकम हड़प ली। आरोपी ने युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र और एयर इण्डिया की ड्रेस थमा दी। समय बीतने के बाद भी जब युवक को नौकरी नहीं मिला तो उसने अपने रुपये मांगे। इस पर आरोपी ने रुपये वापस करने से इनकार कर दिया और पीडि़त को धमकी दी। अब पीडि़त ने इस संबंध में आलमबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी है। आलमबाग के ओमनगर इलाके में शुभेन्द्र नाथ त्रिपाठी अपने परिवार संग रहता है। उसका कहना है कि कुछ समय पहले उसकी मां अर्चाना त्रिपाठी एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरदोई के शाहबाद अपने मायके गयी थीं। वही पर उनकी मुलाकात एटा निवासी आकाश दीक्षित नाम के युवक से हुई। आकाश ने खुद को उड्डयन मंत्री का पीए बताया और अर्चाना के बेटे शुभेन्द्र को एयर इण्डिया में नौकरी दिलाने की बात कही। बातचीत के बाद आकाश शुभेन्द्र के घर आया। उसने शुभेन्द्र को नौकरी दिलाने के एवज में सात लाख रुपये की मांग की और नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। आकाश की बातों में आकर शुभेन्द्र ने धीरे-धीरे आकाश को रुपये देने शुरू किये। कुछ ही दिन के अंदर शुभेन्द्र ने आकाश को पूरे सात लाख रुपये दे दिये। रुपये लेने के बाद आकाश शांत बैठ गया। समय गुजरने पर शुभेन्द्र ने जब आकाश से नौकरी की बात की तो वह टालमटोल करने लगा। शुभेन्द्र ने दबाव बनाया तो आकाश ने सुशील सिंह चौहान नाम के एक व्यक्ति से मुलकात करायी और बताया कि सुशील ही पूरा काम कर रहा है। इसके बाद उन लोगों ने शुभेन्द्र को दिल्ली ट्रेनिंग के लिए बुलाया। शुभेन्द्र जब दिल्ली पहुंचा तो आकाश ने उसको नौकरी से संबंधित फर्जी नियुक्ति पत्र, एयर इण्डिया की ड्रेस और आईडी कार्ड थमा दिया। ट्रेनिंग के नाम पर आकाश ने शुभेन्द्र को कुछ दिन एक फ्लैट पर ठहराया और मेडिकल प्रमाण पत्र के नाम पर शुभेन्द्र से 15 हजार रुपये और ले लिये। कुछ दिन दिल्ली ठहरने के बाद शुभेन्द्र वापस अपने घर लौट आया। शुभेन्द्र का कहना है कि देखते-देखते वक्त गुजरता चला गया और आकाश ने नौकरी नहीं दिलायी। इस पर जब शुभेन्द्र से बातचीत की गयी तो उसने बताया कि काम फंस गया और रुपये भी। इस पर शुभेन्द्र के घरवालों ने आकाश के पिता से बातचीत की तो उन्होंने रुपये की लेनदेन से किनारा कर लिया, जबकि शुरुआत ने आकाश के पिता शिव प्रकाश दीक्षित ने बताया कि था कि उनका बेटा आकाश शुभेन्द्र को नौकरी दिला देगा। वहीं जब शुभेन्द्र के परिवार वालों ने आकाश से सम्पर्क किया तो उसने रुपये देने से साफ इनकार करते हुए उन लोगों को धमकी दी। एयर इण्डिया में नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए शुभेन्द्र ने अब इस मामले में जालसाज आकाश, उसके पिता शिव प्रकाश और साथी सुशील सिंह चौहान के खिलाफ आलमबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी है।