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झूठे इतिहास की कहानी है जोधा-अकबर की प्रेम गाथा, जानें क्यों गढ़ी गई ये झूठी वजह

दुनिया में कई ऐसी प्रेम कहानियां हैं जिन्हे पढ़ने के बाद हम सच मान लेते हैं लेकिन उसके पीछे का इतिहास जानने की कोशिश नहीं करते। लेकिन आज हम इतिहास के कुछ ऐसे पन्ने खोल रहें हैं जिन्हे जान आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, जोधा अकबर की प्रेम कहानी को दुनिया की प्रसिद्ध प्रेम कहानियों में से एक माना जाता है। लेकिन जोधा अकबर की प्रेम कहानी में कोई सच्चाई नहीं है। जोधा अकबर की प्रेम कहानी अकबर को अच्छा दिखाने के लिए बनाई गई काल्पनिक कहानी ही है। 

By आराधना शर्मा 
Updated Date

नई दिल्ली: दुनिया में कई ऐसी प्रेम कहानियां हैं जिन्हे पढ़ने के बाद हम सच मान लेते हैं लेकिन उसके पीछे का इतिहास जानने की कोशिश नहीं करते। लेकिन आज हम इतिहास के कुछ ऐसे पन्ने खोल रहें हैं जिन्हे जान आप हैरान रह जाएंगे।

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दरअसल, जोधा अकबर की प्रेम कहानी को दुनिया की प्रसिद्ध प्रेम कहानियों में से एक माना जाता है। लेकिन जोधा अकबर की प्रेम कहानी में कोई सच्चाई नहीं है। जोधा अकबर की प्रेम कहानी अकबर को अच्छा दिखाने के लिए बनाई गई काल्पनिक कहानी ही है।

कुछ ऐसी थी जोधा अकबर की कहानी

अकबर अपने राज्य का विस्तार करने में पागल था क्योंकि वह पूरे  भारत पर अपना कब्ज़ा करना चाहता था। अकबर के इस सपने में सबसे बड़े बाधक भारत के क्षत्रिय और राजपूत थे, जो अकबर के सामने दीवार  बनकर खड़े थे। ऐसे में अकबर को राज्यों का  विलय करने के लिए राजाओं से युद्ध करना पड़ता था और हर राजा को युद्ध में हरा पाना संभव नहीं था। इसलिए अकबर ने अपने सलाहकारों की राय से राजपूतों की  बेटीयों से विवाह कर उनको अपने आधीन करने की योजना बनाई, जिसमें वह सफल भी हुआ।

जोधा अकबर का विवाह भी एक राजनीतिक समझौता ही था। जोधा का असली नाम हीरा कुंवर था और उसे हरका बाई के नाम से भी पुकारा जाता था। उनके पिता राजा भारमल थे, जो आमेर के राजा थे और आमेर जयपुर के सीमा क्षेत्र का भाग था। अकबर ने अपनी दुष्टता से भारमल को अपने सामने झुकाने के लिए उनकी तीन बेटियों को बंदी बना लिया था और भारमल से एक राजनीतिक समझौता कर हीरा कुंवर यानी जोधा से विवाह कर अकबर ने भारमल को हमेशा के लिए अपने आधीन कर लिया।

वहीं जोधा एक निडर और समझदार राजपूतानी थी, जिसकी वीरता और बहादुरी से अकबर भलीभांति परिचित था। इसलिए जोधा से विवाह का प्रस्ताव कर राजनीतिक समझौता किया।अकबर से जोधा का विवाह करने के बाद भारमल अपने दामाद के सामने झुक गए और अकबर के विरुद्ध नहीं जा सके।

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कई हिन्दू राजकुमारीयों से किया था विवाह 

जोधा से पहले भी अकबर की कई पत्नियाँ  रही और जोधा जैसी अनगिनत हिन्दू राजकुमारीयों  के साथ राज्य विस्तार और राज्य विलय के लिए अकबर ने विवाह किया था। अकबर एक विलासी  राजा था। वह  अपनी ऐयाशी के लिए मीना बाज़ार लगवाया करता था, जिसमें वहां घुमने आये राजाओं की पत्नियों को देखकर उनको अपने साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। स्त्रियों के शारीरिक शोषण के लिए सुन्दर स्त्रियों का हरम करता था। विवाहित स्त्रियों के पति को मौत देकर औरतों का हरम करवाता था।

इस लिए बनाई गई जोधा अकबर की प्रेमकहानी

यह प्रेम कहानी इसलिए बनाई गई ताकि बाकी राजपूत भी अपनी बेटियों का ख़ुशी ख़ुशी अकबर और इस्लाम पुरुषों  से विवाह करा कर अपने राज्य को अकबर के आधीन कर देअकबर जोधा की निडरता, बहादुरी और समझदारी पूर्ण व्यवहार से प्रभावित था लेकिन फिर भी अपनी कुकर्मी आचरण से बाज़ नहीं आया था। अकबर हिन्दू धर्म के कई राजपूत और राजपूतानी से प्रभावित था लेकिन अपनी नीचता कभी छोड़ नहीं सका था।

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