सलमान खान को जोधपुर की अदालत ने किया बरी, जानें क्या है पूरा मामला

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सलमान खान को जोधपुर की अदालत ने किया बरी, जानें क्या है पूरा मामला

जयपुर। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) को जोधपुर कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सलमान खान के लिए आर्म्स एक्ट को लेकर अदालत को गुमराह करने का मामला चलाने से इंकार करते हुए उन्हें बरी कर दिया है।

Jodhpur Court Acquits Salman Khan In Case Against Him For Submitting Fake Affidavit In The Black Buck Poaching Case :

सलमान खान (Salman Khan) पर यह आरोप था कि साल 2006 में उन्होंने फर्जी एफिडेविट कोर्ट में पेश किया था कि उनके हथियार का लाइसेंस खो गया है। इस तरह सलमान खान को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। सलमान खान (Salman Khan) के वकील ने साथ ही दलील दी है कि उनका इरादा गलत हलफनामा जमा करने का नहीं था।

सरकार ने पेश की थी प्रार्थना पत्र

2006 में राजकीय अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में धारा 340 का प्रार्थना पत्र पेश कर सलमान पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। करीब 13 वर्षों बाद इस अर्जी पर सोमवार को कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए एक्टर सलमान को बड़ी राहत दी है।

फिल्म की शूटिंग के दौरान मामला आया था सामने

आपको बता दें कि फिल्म “हम साथ साथ हैं” की शूटिंग के दौरान अभिनेता सलमान खान पर हिरण शिकार के तीन मामले और एक अवैध हथियार का एक मामला दर्ज हुआ था।

जिला और सत्र जिला जोधपुर न्यायालय में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट के सलमान को सजा देने के खिलाफ सलमान की ओर से पेश की गई सलमान की अपील व आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को बरी किए जाने के खिलाफ सरकार की अपील लंबित है।

इसके अलावा घोड़ा कृषि फार्म हाउस हिरण शिकार मामला और भवन शिकार मामले में सलमान को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी थी। सरकार ने इन दोनों मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर रखी है। सीजेएम ग्रामीण कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद सलमान खान के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में कोई मामला लंबित नहीं है।

विधि सूत्रों के अनुसार, धारा 340 के तहत 7 साल तक कि सजा का प्रावधान है। ऐसे में अगर सरकार की अर्जी स्वीकार होती तो सलमान खान की मुश्किलें बढ़ सकती थी।

जयपुर। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) को जोधपुर कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सलमान खान के लिए आर्म्स एक्ट को लेकर अदालत को गुमराह करने का मामला चलाने से इंकार करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। सलमान खान (Salman Khan) पर यह आरोप था कि साल 2006 में उन्होंने फर्जी एफिडेविट कोर्ट में पेश किया था कि उनके हथियार का लाइसेंस खो गया है। इस तरह सलमान खान को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। सलमान खान (Salman Khan) के वकील ने साथ ही दलील दी है कि उनका इरादा गलत हलफनामा जमा करने का नहीं था। सरकार ने पेश की थी प्रार्थना पत्र 2006 में राजकीय अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में धारा 340 का प्रार्थना पत्र पेश कर सलमान पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। करीब 13 वर्षों बाद इस अर्जी पर सोमवार को कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए एक्टर सलमान को बड़ी राहत दी है। फिल्म की शूटिंग के दौरान मामला आया था सामने आपको बता दें कि फिल्म "हम साथ साथ हैं" की शूटिंग के दौरान अभिनेता सलमान खान पर हिरण शिकार के तीन मामले और एक अवैध हथियार का एक मामला दर्ज हुआ था। जिला और सत्र जिला जोधपुर न्यायालय में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट के सलमान को सजा देने के खिलाफ सलमान की ओर से पेश की गई सलमान की अपील व आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को बरी किए जाने के खिलाफ सरकार की अपील लंबित है। इसके अलावा घोड़ा कृषि फार्म हाउस हिरण शिकार मामला और भवन शिकार मामले में सलमान को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी थी। सरकार ने इन दोनों मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर रखी है। सीजेएम ग्रामीण कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद सलमान खान के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में कोई मामला लंबित नहीं है। विधि सूत्रों के अनुसार, धारा 340 के तहत 7 साल तक कि सजा का प्रावधान है। ऐसे में अगर सरकार की अर्जी स्वीकार होती तो सलमान खान की मुश्किलें बढ़ सकती थी।