शिवसेना की सरकार में तीसरे नंबर की पार्टी बनना कांग्रेस को यहां दफन करने जैसा : संजय निरूपम

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महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार में शामिल होना कांग्रेस को दफन करने जैसा : संजय निरूपम

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर स्थिति लगभग साफ हो गयी है। कांग्रेस—एनसीपी और शिवसेना यहां पर गठबंधन की सरकार बनाने जा रहे हैं। वहीं, शिवसेना और कांग्रेस दोनों अलग विचारधार की पार्टी हैं। लिहाजा उनका एक साथ आना किसी के गले से नहीं उतर रहा है। वहीं, इस गठबंधन को लेकर कांग्रेस के अंदर से ही विरोधी सुर उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ट्वीट कर कांग्रेस को चेताया है।

Joining Shiv Sena Government In Maharashtra Is Like Burying Congress Sanjay Nirupam :

संजय निरुपम ने ट्वीट कर लिखा है कि, ‘वर्षों पहले उत्तर प्रदेश में बसपा के साथ गठबंधन कर कांग्रेस ने गलती की थी, तब ऐसी पिटी की आजतक नहीं उठ पाई। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस वही गलती कर रही है, शिवसेना की सरकार में तीसरे नंबर की पार्टी बनना कांग्रेस को दफन करने जैसा है। बेहतर होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष दबाव में ना आएं।’ बता दें कि, संजय निरुपम लगातार शिवसेना के साथ जाने का विरोध कर रहे हैं।

कांग्रेस के ही कुछ स्थानीय नेताओं पर इस गठबंधन को लेकर आरोप मढ रहे हैं। संजय निरुपम अपने ट्वीट में 1996 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हुए कांग्रेस-बसपा के गठबंधन का हवाला दे रहे हैं। उसी के बाद बीते दो दशक में कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में मुश्किलें बढ़ीं ही हैं।

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से लगातार कांग्रेस और एनसीपी के बीच बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद अब शिवसेना के साथ गठबंधन करना लगभग तय हो गया है। गुरुवार को कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के बीच दिल्ली में बैठकों का अंतिम दौर चल रहा है, इसके बाद शुक्रवार को मुंबई में शिवसेना के साथ अंतिम बैठक होगी।

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर स्थिति लगभग साफ हो गयी है। कांग्रेस—एनसीपी और शिवसेना यहां पर गठबंधन की सरकार बनाने जा रहे हैं। वहीं, शिवसेना और कांग्रेस दोनों अलग विचारधार की पार्टी हैं। लिहाजा उनका एक साथ आना किसी के गले से नहीं उतर रहा है। वहीं, इस गठबंधन को लेकर कांग्रेस के अंदर से ही विरोधी सुर उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने ट्वीट कर कांग्रेस को चेताया है। संजय निरुपम ने ट्वीट कर लिखा है कि, 'वर्षों पहले उत्तर प्रदेश में बसपा के साथ गठबंधन कर कांग्रेस ने गलती की थी, तब ऐसी पिटी की आजतक नहीं उठ पाई। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस वही गलती कर रही है, शिवसेना की सरकार में तीसरे नंबर की पार्टी बनना कांग्रेस को दफन करने जैसा है। बेहतर होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष दबाव में ना आएं।' बता दें कि, संजय निरुपम लगातार शिवसेना के साथ जाने का विरोध कर रहे हैं। https://twitter.com/sanjaynirupam/status/1197371208880152576 कांग्रेस के ही कुछ स्थानीय नेताओं पर इस गठबंधन को लेकर आरोप मढ रहे हैं। संजय निरुपम अपने ट्वीट में 1996 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हुए कांग्रेस-बसपा के गठबंधन का हवाला दे रहे हैं। उसी के बाद बीते दो दशक में कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में मुश्किलें बढ़ीं ही हैं। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से लगातार कांग्रेस और एनसीपी के बीच बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद अब शिवसेना के साथ गठबंधन करना लगभग तय हो गया है। गुरुवार को कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के बीच दिल्ली में बैठकों का अंतिम दौर चल रहा है, इसके बाद शुक्रवार को मुंबई में शिवसेना के साथ अंतिम बैठक होगी।