मध्य प्रदेश: खनन माफिया के खिलाफ खबर करने पर पत्रकार की हत्या, सीएम शिवराज ने दिए जांच के आदेश

Journalist Sandeep Sharma, खनन माफिया
मध्य प्रदेश: खनन माफिया के खिलाफ खबर करने पर पत्रकार की हत्या, सीएम शिवराज ने दिए जांच के आदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक पत्रकार को खनन माफिया के खिलाफ खबर चलाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मृत पत्रकार का नाम संदीप शर्मा, उम्र 35 वर्ष थी, वह एक राष्ट्रीय समाचार चैनल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि संदीप शर्मा ने कुछ दिनों पहले ही खनन माफिया और पुलिस अधिकारियों के बीच की सांठगांठ को एक स्टिंग आपॅरेशन के जरिए उजागर किया था। सरकार ने संदीप शर्मा की खबर को संज्ञान में लेते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया था। पत्रकार की हत्या के मामले के तूल पकड़ने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मामले की जांच एसआईटी से करवाने की बात कही है। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार के प्रतिबद्ध होने की बात भी कही।

Journalist Investigating Against Sand Mining Mafia Murdered In Broad Daylight Cm Shivraj Ordered Sit Probe :

संदीप शर्मा की खनन माफिया के खिलाफ की जाने वाली पड़तालों से संडिकेट में हड़कंप मचा हुआ था। जिसे लेकर कुछ दिन पहले ही उसे जान से मारने की धकमी ​भी मिली थी, जिसकी सूचना संदीप शर्मा ने स्थानीय पुलिस से भी की थी।

मिली जानकारी के मुताबिक संदीप शर्मा को सोमवार की सुबह भिंड कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर एक डंपर ने रौंद दिया। डंपर के नीचे आए संदीप शर्मा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नाकाबंदी कर डंपर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है, लेकिन पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि संदीप शर्मा एक जांबाज पत्रकार था, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना कई बार खनन माफिया के खिलाफ खबरें करने का जोखिम उठाया। ​जिस तरह से सुबह करीब 8:25 बजे उसकी हत्या कोतवाली के पास होती है और पुलिस मौके पर पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय ​लगाती है, इससे भिंड पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ जाती है।

पत्रकार की हत्या के मामले पर कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश में एक पत्रकार का दिनदहाड़े मौत के धाट उतारा जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश सरकार को इस मामले की सीबीआई जांच करवानी चाहिए। यह भाजपा सरकार की आसफलता ही है जिसके राज में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सुरक्षित नहीं है।

आपको बता दें कि भिंड में खनन माफिया की सक्रियता दशकों से बनी हुई है। इससे पूर्व भिंड में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां खनन माफिया को चुनौती देने वाले पुलिस अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोगों की हत्या की जा चुकी है। कुछ वर्ष पूर्व खनन माफिया के इशारे पर ही एक आईपीएस अधिकारी की ट्रैक्टर से रौंद कर हत्या कर दी गई थी।

भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक पत्रकार को खनन माफिया के खिलाफ खबर चलाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मृत पत्रकार का नाम संदीप शर्मा, उम्र 35 वर्ष थी, वह एक राष्ट्रीय समाचार चैनल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि संदीप शर्मा ने कुछ दिनों पहले ही खनन माफिया और पुलिस अधिकारियों के बीच की सांठगांठ को एक स्टिंग आपॅरेशन के जरिए उजागर किया था। सरकार ने संदीप शर्मा की खबर को संज्ञान में लेते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया था। पत्रकार की हत्या के मामले के तूल पकड़ने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मामले की जांच एसआईटी से करवाने की बात कही है। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार के प्रतिबद्ध होने की बात भी कही।संदीप शर्मा की खनन माफिया के खिलाफ की जाने वाली पड़तालों से संडिकेट में हड़कंप मचा हुआ था। जिसे लेकर कुछ दिन पहले ही उसे जान से मारने की धकमी ​भी मिली थी, जिसकी सूचना संदीप शर्मा ने स्थानीय पुलिस से भी की थी।मिली जानकारी के मुताबिक संदीप शर्मा को सोमवार की सुबह भिंड कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर एक डंपर ने रौंद दिया। डंपर के नीचे आए संदीप शर्मा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नाकाबंदी कर डंपर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है, लेकिन पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि संदीप शर्मा एक जांबाज पत्रकार था, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना कई बार खनन माफिया के खिलाफ खबरें करने का जोखिम उठाया। ​जिस तरह से सुबह करीब 8:25 बजे उसकी हत्या कोतवाली के पास होती है और पुलिस मौके पर पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय ​लगाती है, इससे भिंड पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ जाती है।पत्रकार की हत्या के मामले पर कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश में एक पत्रकार का दिनदहाड़े मौत के धाट उतारा जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश सरकार को इस मामले की सीबीआई जांच करवानी चाहिए। यह भाजपा सरकार की आसफलता ही है जिसके राज में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सुरक्षित नहीं है।आपको बता दें कि भिंड में खनन माफिया की सक्रियता दशकों से बनी हुई है। इससे पूर्व भिंड में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां खनन माफिया को चुनौती देने वाले पुलिस अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोगों की हत्या की जा चुकी है। कुछ वर्ष पूर्व खनन माफिया के इशारे पर ही एक आईपीएस अधिकारी की ट्रैक्टर से रौंद कर हत्या कर दी गई थी।