पत्रकार तरुण तेजपाल को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चलता रहेगा यौन उत्पीड़न का केस

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पत्रकार तरुण तेजपाल को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रेप आरोप रद्द करने की अपील खारिज की

नई दिल्ली। तहलका मैगजीन (Tehelka magazine) के संस्‍थापक संपादक तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से करारा झटका लगा है। तेजपाल ने अपने ऊपर यौन उत्पीड़न केस (Sexual Assault Case) को कोर्ट से खत्म करने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने तेजपाल के खिलाफ ट्रायल जारी रखते हुए निचली अदालत को छह महीने के अंदर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि यह पीड़िता की निजता पर हमला था। तेजपाल पर 2013 में अपनी सहकर्मी का शोषण करने का आरोप लगा था।

Journalist Tarun Tejpal Sexual Assault Case Supreme Court Dismisses Plea :

कोर्ट ने कहा- ‘घिनौना अपराध’

जस्‍टिस अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक पीठ ने गोवा की निचली अदालत को तेजपाल के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया है। तेजपाल की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा, एमआर शाह, बीआर गवाई ने कहा कि यह घिनौना अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई गोवा में होगी क्‍योंकि यह घटना वहीं की है।

जूनियर कलीग के साथ यौन उत्‍पीड़न

वर्ष 2013 में तेजपाल पर उनकी ही जूनियर कलीग ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। जाने माने पत्रकार तरुण तेजपाल पर अपनी ही सहकर्मी पर लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। आरोप है कि गोवा में ‘थिंक फेस्ट’ के दौरान होटल की लिफ्ट में उन्‍होंने अपने साथ काम करने वाली एक पत्रकार का यौन उत्पीड़न किया। बता दें कि आरोप लगाने वाली पत्रकार की उम्र तरुण तेजपाल की बेटी के बराबर है।

नई दिल्ली। तहलका मैगजीन (Tehelka magazine) के संस्‍थापक संपादक तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से करारा झटका लगा है। तेजपाल ने अपने ऊपर यौन उत्पीड़न केस (Sexual Assault Case) को कोर्ट से खत्म करने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने तेजपाल के खिलाफ ट्रायल जारी रखते हुए निचली अदालत को छह महीने के अंदर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि यह पीड़िता की निजता पर हमला था। तेजपाल पर 2013 में अपनी सहकर्मी का शोषण करने का आरोप लगा था। कोर्ट ने कहा- 'घिनौना अपराध' जस्‍टिस अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक पीठ ने गोवा की निचली अदालत को तेजपाल के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया है। तेजपाल की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा, एमआर शाह, बीआर गवाई ने कहा कि यह घिनौना अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई गोवा में होगी क्‍योंकि यह घटना वहीं की है। जूनियर कलीग के साथ यौन उत्‍पीड़न वर्ष 2013 में तेजपाल पर उनकी ही जूनियर कलीग ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है। जाने माने पत्रकार तरुण तेजपाल पर अपनी ही सहकर्मी पर लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। आरोप है कि गोवा में 'थिंक फेस्ट' के दौरान होटल की लिफ्ट में उन्‍होंने अपने साथ काम करने वाली एक पत्रकार का यौन उत्पीड़न किया। बता दें कि आरोप लगाने वाली पत्रकार की उम्र तरुण तेजपाल की बेटी के बराबर है।