दक्षिण अफ्रीका के इस दिग्गज क्रिकेटर ने अचानक किया संन्यास का ऐलान

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के स्टार ऑलराउंडर जेपी डुमिनी ने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप टेस्ट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। डुमिनी ने आज क्रिकेट के इन दोनों प्ररूपों से संन्यास लेने का ऐलान करते हुए सीमित ओवर क्रिकेट पर फोकस करने की बात कही। बता दें कि 2019 में वर्ल्ड कप होना है ऐसे में डुमिनी उसी पर अपना ध्यान लगाना चाहते हैं। वो टी20 और वन-डे क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। सीमित ओवरों के लिए अपनी फिटनेस बरकरार रखने के इरादे से डुमिनी ने तुरंत प्रभाव से टेस्ट क्रिकेट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। अक्सर कहा भी जाता था कि डुमिनी टेस्ट क्रिकेट के लिए नहीं बने हैं।

Jp Duminy Retires From Test And First Class Cricket With Immediate Effect :

इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि मेरा करियर अभी खत्म होने से दूर है और मेरी उम्मीद है कि क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका, डब्लूएसबी कैप कोबराज, टीम के साथियों, परिवार, दोस्तों और समर्थकों का साथ मिलेगा। मुझे यह मौका मिला कि जिस खेल से सबसे ज्यादा प्यार करता हूं, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ करने का मौका मिला।

आपको बता दें लॉर्ड्स में खेले गए इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के बाद जेपी डुमिनी को टीम से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ‘ काफी पशोपेश के बाद मैंने प्रथम श्रेणी मैच और टेस्ट मैच से तुरंत संन्यास लेने का फैसला किया है। मैंने अपने करियर में अपने देश के लिए खेलते हुए काफी लुत्फ उठाया। केब कोपराज के लिए मैंने 108 प्रथम श्रेणी मैच खेले, लगभग 16 साल तक मैंने केप कोबराज के लिए खेला। मुझे टीम के साथ खेलकर काफी अच्छा लगा”।

जेपी डुमिनी ने साल 2008 में दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट क्रिकेट में पर्दापण किया था। उन्होंने अपने करियर में कुल मिलाकर 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने कुल मिलाकर 32.85 की औसत से 2103 रन बनाए। अपने 9 साल के टेस्ट करियर में डुमिनी ने 6 शतक और 8 अर्धशतक लगाए।

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के स्टार ऑलराउंडर जेपी डुमिनी ने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप टेस्ट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। डुमिनी ने आज क्रिकेट के इन दोनों प्ररूपों से संन्यास लेने का ऐलान करते हुए सीमित ओवर क्रिकेट पर फोकस करने की बात कही। बता दें कि 2019 में वर्ल्ड कप होना है ऐसे में डुमिनी उसी पर अपना ध्यान लगाना चाहते हैं। वो टी20 और वन-डे क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। सीमित ओवरों के लिए अपनी फिटनेस बरकरार रखने के इरादे से डुमिनी ने तुरंत प्रभाव से टेस्ट क्रिकेट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। अक्सर कहा भी जाता था कि डुमिनी टेस्ट क्रिकेट के लिए नहीं बने हैं।इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि मेरा करियर अभी खत्म होने से दूर है और मेरी उम्मीद है कि क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका, डब्लूएसबी कैप कोबराज, टीम के साथियों, परिवार, दोस्तों और समर्थकों का साथ मिलेगा। मुझे यह मौका मिला कि जिस खेल से सबसे ज्यादा प्यार करता हूं, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ करने का मौका मिला।आपको बता दें लॉर्ड्स में खेले गए इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के बाद जेपी डुमिनी को टीम से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि ' काफी पशोपेश के बाद मैंने प्रथम श्रेणी मैच और टेस्ट मैच से तुरंत संन्यास लेने का फैसला किया है। मैंने अपने करियर में अपने देश के लिए खेलते हुए काफी लुत्फ उठाया। केब कोपराज के लिए मैंने 108 प्रथम श्रेणी मैच खेले, लगभग 16 साल तक मैंने केप कोबराज के लिए खेला। मुझे टीम के साथ खेलकर काफी अच्छा लगा"।जेपी डुमिनी ने साल 2008 में दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट क्रिकेट में पर्दापण किया था। उन्होंने अपने करियर में कुल मिलाकर 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने कुल मिलाकर 32.85 की औसत से 2103 रन बनाए। अपने 9 साल के टेस्ट करियर में डुमिनी ने 6 शतक और 8 अर्धशतक लगाए।