भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बने जेपी नड्डा, दिसंबर तक शाह के हाथ में रहेगी कमान

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भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बने जेपी नड्डा, दिसंबर तक शाह के हाथ में रहेगी कमान

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की संसदीय बोर्ड की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक के दौरान जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Jp Nadda Appointed As Bjp Working President :

बता दें कि पिछली सरकार में मंत्री रहे नड्डा के नई सरकार में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद से ही ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि अमित शाह अगले छह महीने तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। उनके मार्गदर्शन में जेपी नड्डा कामकाज संभालेंगे।

आपको बता दें कि जेपी नड्डा ब्राह्मण परिवार से हैं और राज्यसभा से सांसद हैं। वे भाजपा के संसदीय बोर्ड के सचिव भी हैं। नड्डा पार्टी के लिए कुशल रणनीति बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी। जेपी नड्डा 70 के दशक में हुए जेपी आंदोलन से प्रभावित हो कर छात्र राजनीति में सक्रिय हुए थे।

पटना में रहने के दौरान नड्डा ने आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जॉइन की। इसके बाद वो 1977-1979 तक पटना यूनिवर्सिटी में विद्यार्थी परिषद के सेक्रेटरी रहे। जेपी नड्डा के राजनीतिक सफर की शुरुआत यहीं से हुई।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की संसदीय बोर्ड की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक के दौरान जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि पिछली सरकार में मंत्री रहे नड्डा के नई सरकार में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद से ही ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि अमित शाह अगले छह महीने तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। उनके मार्गदर्शन में जेपी नड्डा कामकाज संभालेंगे। आपको बता दें कि जेपी नड्डा ब्राह्मण परिवार से हैं और राज्यसभा से सांसद हैं। वे भाजपा के संसदीय बोर्ड के सचिव भी हैं। नड्डा पार्टी के लिए कुशल रणनीति बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी। जेपी नड्डा 70 के दशक में हुए जेपी आंदोलन से प्रभावित हो कर छात्र राजनीति में सक्रिय हुए थे। पटना में रहने के दौरान नड्डा ने आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जॉइन की। इसके बाद वो 1977-1979 तक पटना यूनिवर्सिटी में विद्यार्थी परिषद के सेक्रेटरी रहे। जेपी नड्डा के राजनीतिक सफर की शुरुआत यहीं से हुई।