#MeToo पर एक्शन में मोदी सरकार, मेनका ने किया जांच कमेटी बनाने का ऐलान

#MeToo पर एक्शन में मोदी सरकार, मेनका ने किया जांच कमेटी बनाने का ऐलान
#MeToo पर एक्शन में मोदी सरकार, मेनका ने किया जांच कमेटी बनाने का ऐलान

नई दिल्ली। देश भर में #MeToo कैंपेन के तहत आ रहीं यौन शोषण की शिकायतों के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने #MeToo के तहत आए मामलों की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित करने का ऐलान किया है।

Judges Panel To Handle All Cases Of Metoo Says Union Minister Maneka Gandhi :

मनेका गांधी ने कहा कि मी टू मामलों की जन सुनवाई के लिए रिटायर न्यायाधीशों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति मी टू से संबंधित सभी मुद्दों को देखेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं हर शिकायत की पीड़ा और सदमा समझ सकती हूं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर और सिनेमा जगत की कई हस्तियों के खिलाफ #MeToo के तहत यौन उत्पीड़न की शिकायतें आई हैं। मेनका गांधी ने इन शिकायतों की जांच के लिए कमेटी का ऐलान किया है।

मेनका गांधी ने #MeToo कैंपेन का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, “मैं हर शिकायत के पीछे छिपे दर्द और वेदना पर भरोसा करती हूं और कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न के मामलों को जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ निपटाया जाना चाहिए है” मंत्रालय के मुताबिक अगले एक या दो दिनों में कमेटी का गठन हो जाएगा, इसके बाद सभी संबंधित पक्ष आकर अपनी शिकायतें यहां रख सकते हैं।

उन्होंने सोमवार को कहा, “आप हमेशा उस व्यक्ति को याद करेंगे, जिसने आपके साथ गलत किया है. यही कारण है कि हमने कानून मंत्रालय को लिखा है कि शिकायतें बिना किसी सीमा के होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अब आप 10-15 साल बाद शिकायत कर सकते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने दिन बाद मामले की शिकायत की है। अगर, आप शिकायत करने जा रहे हैं तो एवेन्यू अभी भी खुला है,” मेनका गांधी ने कहा कि यौन उत्पीड़न मामले को लेकर गुस्सा कभी खत्म नहीं होता।

भारत में #MeToo अभियान बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के बाद शुरू हुआ। यह मामला 10 साल पहले का है. बता दें कि एक साल पहले वैश्विक तौर पर #MeToo अभियान सामने आया था। हॉलीवुड निर्मता हार्वे वेनस्टीन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

नई दिल्ली। देश भर में #MeToo कैंपेन के तहत आ रहीं यौन शोषण की शिकायतों के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने #MeToo के तहत आए मामलों की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित करने का ऐलान किया है। मनेका गांधी ने कहा कि मी टू मामलों की जन सुनवाई के लिए रिटायर न्यायाधीशों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति मी टू से संबंधित सभी मुद्दों को देखेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं हर शिकायत की पीड़ा और सदमा समझ सकती हूं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर और सिनेमा जगत की कई हस्तियों के खिलाफ #MeToo के तहत यौन उत्पीड़न की शिकायतें आई हैं। मेनका गांधी ने इन शिकायतों की जांच के लिए कमेटी का ऐलान किया है। मेनका गांधी ने #MeToo कैंपेन का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, "मैं हर शिकायत के पीछे छिपे दर्द और वेदना पर भरोसा करती हूं और कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न के मामलों को जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ निपटाया जाना चाहिए है" मंत्रालय के मुताबिक अगले एक या दो दिनों में कमेटी का गठन हो जाएगा, इसके बाद सभी संबंधित पक्ष आकर अपनी शिकायतें यहां रख सकते हैं। उन्होंने सोमवार को कहा, "आप हमेशा उस व्यक्ति को याद करेंगे, जिसने आपके साथ गलत किया है. यही कारण है कि हमने कानून मंत्रालय को लिखा है कि शिकायतें बिना किसी सीमा के होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अब आप 10-15 साल बाद शिकायत कर सकते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने दिन बाद मामले की शिकायत की है। अगर, आप शिकायत करने जा रहे हैं तो एवेन्यू अभी भी खुला है," मेनका गांधी ने कहा कि यौन उत्पीड़न मामले को लेकर गुस्सा कभी खत्म नहीं होता। भारत में #MeToo अभियान बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के बाद शुरू हुआ। यह मामला 10 साल पहले का है. बता दें कि एक साल पहले वैश्विक तौर पर #MeToo अभियान सामने आया था। हॉलीवुड निर्मता हार्वे वेनस्टीन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।