बहराइच के जंगलों में बंदरों के बीच मिली यह दस वर्षीय ‘मोगली गर्ल’

बहराइच। अभी तक आपने मोगली और टार्जन का सिर्फ काल्पनिक चित्र ही देखा होगा लेकिन आज हम आपको हकीकत में हुई एक ऐसी वारदात के बारे में बताने जा रहे हैं। बहराइच में एक आठ साल की बच्ची सामने आई है जिसे कुछ लोग मोगली गर्ल कह रहे हैं तो कुछ जंगल की गुड़िया। यह लड़की न ही कुछ बोलती है और न ही इंसानों जैसा व्यवहार करती है। जिला अस्पताल में बच्ची का लगभग दो महीने से इलाज चल रहा है हालांकि इलाज के बाद अब बच्ची के स्वस्थ में पहले से सुधार हुआ है। बच्ची की हालात तो सुधर गयी है लेकिन अभी भी कोई उसे गोद लेने को तैयार नहीं है यहां तक कि चाइल्ड लाइन ने भी बच्ची को रखने से मना कर दिया है।




10 सालों से बंदरों के साथ रहने वाली यह लड़की इंसानों को देखकर बंदरों की तरह गुर्राती है। उसके नाखून भी काफी बड़े हैं और वह लोगों को देखकर बंदरों की तरह दौड़ाकर काटने की कोशिश भी करती है। अस्पताल में जो भी उसे खाना खिलाने की कोशिश करता है या उसे खाना देने की कोशिश करता है तो वो उसके ऊपर खाना भी फेक देती है।

कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र के मोतीपुर में मिली इस बच्ची को कई बार निकालने की कोशिश करते थे तो बंदर उसे दौड़ा लेते थे जैसे कि बच्ची भी उनके परिवार का हिस्सा हो। लेकिन बीते जनवरी में यूपी की 100 नंबर की पुलिस टीम गश्‍त पर निकली थी और उसी दौरान यह बच्‍ची बंदरों के झुंड में दिखाई दी।




पुलिस टीम ने बच्ची को काफी मशक्‍कत के बाद बंदरों के बीच से निकाला। इसके बाद उसे मिहीपुरवा सी.एच.सी. में और फिर जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया। उसके शरीर पर चोट के काफी निशान मिले हैं जिसका उपचार किया जा रहा है। वहीं पुलिस इस बच्‍ची से जुड़ी हर बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

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